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Kùnlù shān
Kùnlù shān · 困鹿山
पुएर के नामी पहाड़न में कुन लू शान के एगो खास जगह बा: ई न त बागान ह आ न शुद्ध जंगली, बलुक *bàn zāipéi* 半栽培 — पुरान पेड़न के अध-उपजाऊ झुरमुट, जिनकर पतई सदियन ले दरबार ले जाइल जात रहे। शेंग-पुएर ट्रेक क
पुएर के नामी पहाड़न में कुन लू शान के एगो खास जगह बा: ई न त बागान ह आ न शुद्ध जंगली, बलुक bàn zāipéi 半栽培 — पुरान पेड़न के अध-उपजाऊ झुरमुट, जिनकर पतई सदियन ले दरबार ले जाइल जात रहे। शेंग-पुएर ट्रेक के नामी गाँव (名寨) के रजिस्टर में ई पहाड़ S टियर में रखल गइल बा एकर प्रोफाइल बा «नफाकत भरल-मीठ, शाही भेंट के ठसक जइसन»।
1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:
- प्रकार: शेंग-पुएर (生普) — «कच्चा», शू पुएर के शैली में अ-किण्वित।
- श्रेणी: बाजारू-प्रतिष्ठा वाली ऊपरी, गंवई स्तर के श्रेणी (村寨级), न कि मानक के अक्षर अनुसार अलग किसिम। कानूनी रूप से अइसन चाय मुताबिक भौगोलिक संकेत वाला (GI) इलाका के पुएर-शेंग बनल रहेला; एकर कीमत खास तौर पर एह अध-उपजाऊ झुरमुट से उत्पत्ति के वजह से बढ़ जाला।
- उत्पत्ति: निंग’अर जिला (Níng’ěr 宁洱) पुएर शहरी जिला (Pǔ’ěr 普洱), युन्नान प्रांत — माने ना सिशुआंगबान्ना में न लिन्चांग में, बलुक प्रांत के असली «पुएर» दिल में। ट्रेक के जादेतर चमकदार गाँव मेंगहाई, मेंगला आ शुआंगजियांग के आसपास बाड़ें, जबकि कुन लू शान एगो पुरान, इतिहासी «दरबारी» चाय संस्कृति के केंद्र के रूप में प्रशासनिक मुख्यालय के नगीचे मौजूद बा, जवन पूरा पेय के नाम दिहलस।
- रोपनी के प्रकार: gǔshù 古树 (半栽培) — अध-उपजाऊ प्रणाली के पुरान पेड़। ट्रेक के पेड़न के टाइपोलॉजी में सिलसिला बनल बा: gǔshù 古树 (पुरान पेड़), dàshù 大树 (बड़ पेड़), yěshēng 野生 (जंगली), guòdù xíng 过渡型 (संक्रमण प्रकार) आ bàn zāipéi 半栽培 (अध-उपजाऊ)।
2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:
कुन लू शान के मुख्य इतिहासी पूँजी — gòngchá 贡茶, शाही भेंट के दर्जा। ई पहाड़ पुएर के ओह केंद्र सभ में आवेला जिनकर पतई शाही जुग में दरबार भेजल जात रहे; एही से — प्रोफाइल के बिसेसता में «皇家贡茶气» के सूत्र। निंग’अर जिला में जगह, जवन इतिहासी रूप से पुएर बेपार आ भेंट-संग्रह से जुड़ल रहे, एह प्रतिष्ठा के बिपणन ना, बलुक भूगोल में निहित बनावेला।
संदर्भ समझे खातिर ट्रेक के दू गो «दरबारी» नाँव के बीच के फरक के धियान में राखल फायदेमंद बा। मानसोंग (Mànsōng 曼松) यीबांग में — शाही भेंट के एगो अउरी मानक, बहुत कम सालाना गुशू-सामग्री वाला सभ आ S+ टियर। कुन लू शान — इहाँ पुएर, निंग’अर केंद्र के «दरबारी» नफाकत, जवन चुनिंदा पेड़ से ना, बलुक पूरा अध-उपजाऊ झुरमुट से आवेला। दुनों नाँव एगो सांस्कृतिक रजिस्टर में पढ़ल जालें — नजाकत, मिठास, «दरबारी» संजम, — बाकी दुनों अलग-अलग इलाका आ अलग किसिम के रोपनी से उपजल बाड़ें।
3. वानस्पतिक बिबरन आ कच्चा माल:
पहाड़ सभसे पहिले आपन पुरान चाय आबादी खातिर मशहूर बा — bàn zāipéi gǔ chá qúnluò 半栽培古茶群落, लगभग 1939 mǔ 亩 (लगभग 130 हेक्टेयर) के अध-उपजाऊ पुरान पेड़न के समुदाय। युन्नान के पैमाना पर ई संख्या बहुत नइखे; इलाका के सीमितता आ एकर प्रतिष्ठिये सामग्री के दुर्लभता आ कीमत तय करेला।
अध-उपजाऊ झुरमुट जंगली आबादी आ घन बागान के बीच के दसा ह। पेड़ बिखराइल बाड़ें, प्राकृतिक जंगली माहौल में, कृषि-तकनीकी गहनता के बिना, बाकी एकरे बावजूद न्यूनतम आदमी के निगरानी में बाड़ें: इनकर पतई तूड़ल जाला, इनके लगे फेर से जाइल जाला, इनकर इतिहास जानल-मानल बा। शुद्ध जंगली (जइसे दा शुएशान पर या च्यान्जियाचाइ में) के बिपरीत, इहाँ «जंगली» करेलापन आ तेज बनम-बास ना होखे; संक्रमण प्रकार (जइसे पड़ोसी बानवाई के) के बिपरीत, सामग्री अउरी साफ, सभ्य मिठास देवेले।
4. टेरुआर आ उपज के खासियत:
ई प्रणाली कुनलूशान के निचोड़ के बिसेस नफाकत के काफी हद तक बतावेली: जंगल सफाई आ पहाड़ी «ढाँचा» देवेला, जबकि सदियन पुरान अध-पालतू चुनाव — कोमलता आ मीठ धुरी।
5. उत्पादन तकनीक:
बुनियादी उप-उत्पाद — shàiqīng máochá 晒青毛茶, धूप-सूखल माओचाय: ताजा पतई के मुरझाओ के, हल्का तापमान पर कड़ाही में नियंत्रण (杀青), मरोड़ के आ, जवन पुएर खातिर सिद्धांत के बात बा, ठीक धूप में सुखावल जाला। धूप में सुखावे से पतई में जिंदा किण्व आ सूक्ष्म-वनस्पति बचल रहेला, जेकरा बाद दबाइल चक्का सालन ले विकसित हो सकेला।
अइसन माओचाय से पारंपरिक रूप — चक्का (饼) दबावल जाला, आ नामी गाँव (名寨) स्तर के एक मूल-उत्पत्ति के सामग्री जादेतर खुल्ला माओचाय के रूप में भी, आ छोट-छोट बेच के एकल-गाँव दबाइल रूप में भी बेचल जाला।
6. इंद्रिय-ज्ञान के बिसेसता:
रजिस्टर में कुन लू शान के प्रोफाइल छोट आ सटीक बा: xìnì tián rùn 细腻甜润 — नफीस, मीठ, कोमल-मखमली — आ «皇家贡茶气», शाही भेंट के ठसक। बेवहार में एकर मतलब ई चाय होला जे दम से ना, बलुक नस्ल से असर जमावेला।
इहाँ जवन नइखे — ऊ «बान्चांग» आक्रामकता आ लाओमान’अ प्रकार के असीम करेलापन। कुन लू शान एकदम शुद्ध मिठास, निचोड़ के रेशमी बनावट आ लमहर, शांत बाद-स्वाद के इर्द-गिर्द रचल बा। कड़वाहट आ कसैलापन नजाकत से हाजिर बा, तेजी से मीठ huígān 回甘 में बदल जाला। ई «कुलीनपन», संजम भरल शैली ह — जेकरा चीनी चखाने वाली जुबान में «दरबारी» ठसक से जोड़ल जाला।
कुन लू शान के जवान शेंग अबहिये साफ आ मीठ पीयल जाला; पुरान होखे पर नफाकत गहिरा जाला, आ स्वाद के पारदर्शिता बरकरार राखत बनावट अउरी «गाढ़» हो जाला।
9. बनावे के तरीका:
एह श्रेणी के सामग्री खातिर बनावे के सुझाव:
- बर्तन: gàiwǎn 盖碗 या छोट मात्रा के ईसिंग के केतली, हर बेरा के चाय पर नियंत्रण राखे खातिर।
- पानी: नरम, लगभग 95 — 100 °C; खउलत पानी इहाँ पतई के «तूड़े» ना, बाकी पहिली बहाव छोट राखल बेहतर बा।
- अनुपात: अनुमान 7 — 8 ग्राम प्रति 100 — 110 मिली।
- बिधि: जल्दी धो के, ओकरा बाद धीरे-धीरे लमहर होखत छोट-छोट बहाव के सिलसिला।
- बहुत-बेरियाह: पुरान अध-उपजाऊ पतई काफी संख्या में बनावे के सह सकेला, आखिरी बहाव ले धीरे-धीरे मिठास देत।
11. कीमत आ नकली:
कुन लू शान युन्नान के संरक्षित भौगोलिक संकेत के उपज में आवेला: कच्चा माल के उत्पत्ति, एकर धूप-सुखाई, आ दबावे के तकनीक राष्ट्रीय मानकीकरण प्रणाली (पुएर खातिर GB/T ढाँचा) से नियंत्रित बा। एह ढाँचा में पुएर के «कच्चा» (生, शेंग) आ «पाकल» (熟, शू) प्रकार में बाँटल गइल बा, शाइचिंग-आधार आ युन्नान के चाय इलाका से कच्चा माल के भौगोलिक जुड़ाव खातिर जरूरत तय बाड़ी।
कुछ बिंदु जे «कुनलूशानी बिसेसता» के पहिचाने में मदद करें आ रजिस्टर के पड़ोसी से ना भरमावे में:
- इलाका। अगर रउरा सोझा पुएर जिला (निंग’अर) के पुएर बा, न कि सिशुआंगबान्ना या लिन्चांग के — ई अलमारी पर एगो दुर्लभ चीज बा, जहाँ बान्चांग, बिंग दाओ आ यीवू के बोलबाला बा। कुन लू शान चिन्माई आ बानवाई के साथ असली पुएर केंद्र के गिनल-चुनल चमकदार प्रतिनिधि ह।
- रोपनी के प्रकार। गुशू (半栽培) लेबल — मुख्य पहिचान। जंगली चाय (दा शुएशान, च्यान्जियाचाइ) के बिपरीत कुन लू शान में भदेस «जंगली» बास ना होखे; संक्रमण प्रकार के बानवाई के बिपरीत — अउरी सभ्य-मीठ आ नफीस।
- स्वाद के ढब। धुरी — एकदम शुद्ध मिठास आ रेशमी बनावट, कोमल, «सुसंस्कृत» कड़वाहट, लमहर शांत बाद-स्वाद। अगर चाय ताकत आ भारी कड़वाहट से «हमला» करे — ई बुलांग-पहाड़ (बान्चांग, लाओमान’अ) के प्रोफाइल बा, कुन लू शान के ना।
- मानसोंग से तुलना। दुनों «दरबारी» आ नफीस। उत्पत्ति इनके अलगा करेला: मानसोंग — यीबांग (मेंगला, छव पुरान पहाड़) से, कुन लू शान — निंग’अर से; मानसोंग चुनिंदा गुशू-तुड़ाई खातिर मशहूर बा, कुन लू शान — पूरा अध-उपजाऊ झुरमुट खातिर।
12. रोचक तथ्य:
दुर्लभ «पुएर» टेरुआर, पुरान पेड़न के अध-उपजाऊ प्रणाली आ स्वाद के «दरबारी» नफाकत के मिले से कुन लू शान ऊपरी टियर के एगो पहिचानल नाँव बन जाला — अइसन चाय जवन जोर-जोर खातिर ना, बलुक नस्ल खातिर सराहल जाले।