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zàngchá

zàngchá · 藏茶

सिचुआन बेसिन के पच्छिमी किनारे पर बसल यआन शहर के ई करिया चाय (*hēichá*) — ईहे 'तिब्बती चाय' (*zàngchá* 藏茶) ह, जवन सदियन ले कारवाँ के रस्ता से तिब्बत के ऊँच पठार पर जाय। एकरे किस्मत के पाछे पूरा एगो बे

सिचुआन बेसिन के पच्छिमी किनारे पर बसल यआन शहर के ई करिया चाय (hēichá) — ईहे ‘तिब्बती चाय’ (zàngchá 藏茶) ह, जवन सदियन ले कारवाँ के रस्ता से तिब्बत के ऊँच पठार पर जाय। एकरे किस्मत के पाछे पूरा एगो बेवस्था बा: हेंगडुआन पहाड़ के तराई के चाय जिला, कांगडिंग में ट्रांसशिपमेंट के केन्द्र आ चाय-घोड़ा बेपार के एगो परान संस्था — chámǎsī 茶马司।

टेरुआर: ‘बरखा वाला शहर’ आ बेसिन के पच्छिमी किनारा

zàngchá के उत्पादन के केन्द्र यआन (Yǎ’ān) शहर के यूचेंग (雨城区) जिला ह। 雨城 नाँव के मतलबे ‘बरखा वाला शहर’ होला: सिचुआन बेसिन के पच्छिमी किनारा पर स्थिति, जहाँ नम हवा हेंगडुआन सिस्टम के पूरबी ढाल से टकराले, एहिजे खूब बरखा आ हरदम बादल छाइल रहेला। इहाँ दाशिंग (大兴) आ काओबा (草坝) नियर गाँव में इतिहासी रूप से चाय के कारखाना आ ‘चाय नम्बर’ (cháhào 茶号) जमा भइल, आ कच्चा माल आ तीन गो क्लासिक उत्पाद — kāngzhuān 康砖, jīnjiān 金尖yǎxì 雅细 — एह श्रेणी के मूल रूप हवें।

यूचेंग के चारो ओर सीमावर्ती चाय जिलन के एगो पेटी बा, हर एक के भूगोल आ रसद में आपन भूमिका बा:

  • मिंगशान (名山区) — परसिद्ध मेंगडिंग (Méngdǐngshān 蒙顶山) पहाड़ के बगल में बा आ चाय-घोड़ा बेपार नियंत्रण के एकलौता बचल स्मारक — शिंदियान (新店) में chámǎsī — के संरक्षित कइले बा। ई जगह सीमावर्ती चाय उत्पादन के बेपार के संस्थागत इतिहास से जोड़ेला।
  • तियानचुआन (天全) — एगो पुरान सीमावर्ती चाय जिला (शियांग 始阳 में केन्द्र), एरलांग (Èrlángshān 二郎山) पर्वत श्रेणी के पूरबी तराई पर बसल; ई कांगडिंग के रस्ता के प्रवेशद्वार रहे।
  • यिंगजिंग (荥经) — सीमावर्ती चाय जिला आ हेंगडुआन पहाड़ के पूरबी किनारे पर चाय-घोड़ा मार्ग के एगो महत्वपूर्ण केन्द्र।
  • हानयुआनशिमियान (汉源 / 石棉) — दादु नदी (Dàdù hé 大渡河) के घाटी के दक्खिनी जिला, जे कच्चा माल आ तइयार सीमावर्ती चाय दुनो सप्लाई करें।
  • लीशान (乐山) — एमेई के तराई पर, इहाँ भी सीमावर्ती चाय के दक्खिनी शाखा खातिर कच्चा माल पैदा होखे।

ई सब इलाका 南路边茶 (nánlù biānchá) — ‘दक्खिनी मार्ग के सीमावर्ती चाय’ के अवधारणा से जुड़ल बाड़ें। यआन से कांगडिंग होखत जाए वाली दक्खिनी शाखा एही से दुनिया के आधुनिक zàngchá दिहलस।

कांगडिंग के केन्द्र आ पच्छिमी मार्ग के सन्दर्भ

कांगडिंग (Kāngdìng 康定), जेकर इतिहासी नाँव दाजियानलू (打箭炉) ह, ई उत्पादक ना होके एगो ट्रांसशिपमेंट केन्द्र आ चाय-घोड़ा बेपार (chámǎ hùshì 茶马互市) के केन्द्र ह। हेंगडुआन पहाड़ में ऊँचाई पर स्थित ई तिब्बती इलाकन में प्रवेशद्वार रहे: इहाँ बेसिन से आइल चाय लादल जा आ ओकरा बाद पच्छिम ओर तिब्बत के पठार पर भेजल जा।

एगो संबंधित श्रेणी के जिकिर बनता — 西路边茶 (xīlù biānchá), ‘पच्छिमी मार्ग के सीमावर्ती चाय’, जवन मिन (岷山) आ लोंगमेन (龙门山) पहाड़ के जोड़ पर दुजियांगयान आ बेइचुआन जिला से आवेला। ई ढेर मोट कच्चा माल होला, जेकरा से 方包茶 (fāngbāochá) आ 茯砖 (fúzhuān) बनेला। पच्छिमी मार्ग दक्खिनी के पड़ोसी आ संदर्भ ह: दुनो वर्ग सिचुआन के सीमावर्ती चाय से संबंधित बाड़ें, बाकिर यआन आपन दक्खिनी शाखा के साथ zàngchá के प्रामाणिक स्रोत बनल बा।

कच्चा माल आ चाय के प्रकार

zàngchá एगो करिया चाय (hēichá) ह, आ एकर कच्चा माल तुलनात्मक रूप से पूरा पाकल, मोट पत्ती आ लकड़ी नियर डंठल (cūlǎo 粗老) के हिस्सा होला। अइसन सामग्री ‘नाजुक’ हरियर चाय खातिर कम उपयुक्त रहे, आ इही इतिहासी रूप से सीमावर्ती बेपार के आधार बनल: ई गाढ़, भरपूर शरबत देला, जवन लम्बा यात्रा आ ऊँच पठार के भारी पानी के सह सकेला।

प्रसंस्करण: सीमावर्ती चाय के हिरदय रूप में किण्वन

दक्खिनी सीमावर्ती चाय के खास तकनीकी बिसेसता ह गहिराह सूक्ष्मजीव किण्वन। सुरुआती फिक्सिंग आ लपेटाई के बाद, हरियर माल लम्बा समय ले नम-गर्म ‘भंडारण’ (wòduī 渥堆) से गुजरेला, जेकरे दौरान सूक्ष्मजीव मोट कच्चा माल के बदल देलें, कसैलापन कम करेलें, आ शरबत के गहिराह आ गाढ़ बना देलें। ई zàngchá के पूरा hēichá परिवार से जोड़ेला, बाकिर एकरा अपन एगो बिसेस प्रोफाइल देला, जवन लम्बा यात्रा आ तिब्बती भोजन के जरूरत खातिर बिकसित भइल।

तइयार चाय के दबा के प्रेस कइल जाला। तीन गो क्लासिक उत्पादन के अंतर मुख्य रूप से गाढ़ापन आ कच्चा माल के गुणवत्ता में बा:

  • kāngzhuān 康砖 — एगो ईंट, जवन इतिहासी रूप से कांगडिंग के रास्ता आपूर्ति से जुड़ल बा;
  • jīnjiān 金尖 — ढेर मोट कच्चा माल से बनल एगो उत्पाद;
  • yǎxì 雅细 — ढेर ‘महीन’ किसिम (細 के मतलब ‘महीन, बारीक’), जवन नाँव में यआन (雅) के नाँव दर्शावेला।

सवाद आ बनावे के तरीका

zàngchá के गुण बा गहिराह, गाढ़ा लाल भा चेस्टनट मटियाहूँ शरबत, नरम आ गाढ़, गोल, ‘पुरान’ मिठास के साथ आ लगभग तेज कसैलापन के पूर्ण अभाव। लम्बा किण्वन सवाद के पाकल लकड़ी, सूखल फल आ गरम मटियाहूँ सुर की ओर ले जाला।

तिब्बत के ऊँच पठार के परंपरा बनावे के रस्म ना मांगेले, बलुक उबाल के बनावल चाय चाहेला: चाय के घंटन ले उबालल जाला, अक्सर याक के दूध, मक्खन आ नून के साथ मिला के। एह संदर्भ में zàngchá के गाढ़ापन आ संघनता कमी ना बलुक शर्त ह: कठोर जलवायु में चाय शरीर आ गरमी देबे खातिर बनल बा। आधुनिक शहरी चलन में एकरा सरल तरीका से बनावल जाला — देर ले भिंजा के भा थोड़ी देर उबाल के, जेकरा से बिना कड़वाहट के नरम, गरम पेय मिलेला।

इतिहास आ संस्कृति: chámǎsī आ रस्ता

सिचुआन-तिब्बत चाय-घोड़ा मार्ग बिसाल बेपार नेटवर्क के दक्खिनी शाखा ह, जवना पर चीनी चाय के सदियन ले तिब्बती घोड़ा आ ऊँच पठार के अउरी सामान से बेपार होखे। यआन एह शाखा के पूरबी ‘उद्गम’ रहे: इहाँ से दबाइल सीमावर्ती चाय कारवाँ पर तियानचुआन आ एरलांग श्रेणी, यिंगजिंग आ दादुही घाटी से होखत कांगडिंग जा, आ ओकरा बाद तिब्बती इलाकन ले।

सिस्टम के संस्थागत हिरदय रहे चाय-घोड़ा बेपार नियंत्रण — chámǎsī 茶马司। राज्य चाय के घोड़ा से बदली पर एकाधिकार राखे, आ मिंगशान (शिंदियान) में chámǎsī एही युग के आज ले बचल एकलौता साक्ष्य ह। चीन के सबसे प्राचीन चाय केन्द्रन में से एक, मेंगडिंग पर्वत से नजदीकी, बतावेला कि एह हिस्सा में चाय संस्कृति आ सीमावर्ती बेपार के आपसी जुड़ाव कतना गहिराह बा।

कइसे पहिचानीं, भरम में ना रहीं

  • दक्खिनी मार्ग बनाम पच्छिमी मार्ग। असली zàngchá यआन से दक्खिनी सीमावर्ती चाय (nánlù biānchá) ह। पच्छिमी मार्ग (xīlù biānchá) से अउरी उत्पाद — fāngbāocháfúzhuān आवेलें; ई सिचुआन के सीमावर्ती चाय के संबंधित बाकिर अलग लाइन ह।
  • तीन गो प्रामाणिक प्रारूप। kāngzhuān, jīnjiānyǎxì नाँव कच्चा माल आ प्रेस के गाढ़ापन में क्रम बतावेलें; yǎxì कच्चा माल में सबसे ‘महीन’ बा, jīnjiān सबसे मोट।
  • प्रकार, ‘युग खातिर युग’ ना। Zàngchá गहिराह किण्वित hēichá ह; असलियत के कुंजी ‘प्राचीनता’ के रोमांस में ना, बलुक सूक्ष्मजीव किण्वन से जनमल बिसेस गाढ़, नरम, बिना कड़वाहट के शरबत में बा।
  • टेरुआर संकेत। यूचेंग जिला (दाशिंग, काओबा गाँव) आ मिंगशान — तियानचुआन — यिंगजिंग — हानयुआन / शिमियान जिलन के पेटी से उत्पत्ति, कांगडिंग से होखत ट्रांसशिपमेंट, श्रेणी के भौगोलिक ‘हस्ताक्षर’ ह।

Zàngchá चाय के दुर्लभ मामला ह, जेकर आकार, सवाद आ तकनीक रस्ता द्वारा गढ़ल गइल: मोट कच्चा माल, गहिराह किण्वन आ गाढ़ प्रेस कारवाँ आ ऊँच पहाड़ी भोजन के जरूरत के जवाब में पैदा भइल। आ आजो यआन के एगो ईंट में सिचुआन-तिब्बत चाय-घोड़ा मार्ग के पूरा तर्क पढ़ल जा सकेला — बेसिन के किनारे के ‘बरखा वाला शहर’ से लेके कांगडिंग के प्रवेशद्वार आ ओकरा पार ऊँच पठार तक।