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bái yīng shān hóng chá

bái yīng shān hóng chá · 白莺山红茶

लाल चाय बाईइंगशान (白莺山红茶, Báiyīngshān hóngchá) एक ठो युन्नान के लाल चाय हवे (पच्छिमी शब्दावली में ई "ब्लैक टी" ह, पूरा तरीका से ऑक्सीडाइज कइल), जे लान्चांग नदी (澜沧江, Láncāngjiāng, मेकांग के ऊपरी धारा)

लाल चाय बाईइंगशान (白莺山红茶, Báiyīngshān hóngchá) एक ठो युन्नान के लाल चाय हवे (पच्छिमी शब्दावली में ई “ब्लैक टी” ह, पूरा तरीका से ऑक्सीडाइज कइल), जे लान्चांग नदी (澜沧江, Láncāngjiāng, मेकांग के ऊपरी धारा) के पच्छिमी किनारे पर बाईइंगशान पहाड़ में उपजावल जाए वाला कच्चा माल से बनावल जाला। ई जगह युन्नान प्रांत के लिन्चांग (临沧, Líncāng) जिला के युन्शियान (云县, Yún Xiàn) काउंटी में पड़े ला। एकर ब्यापारिक नाँव बाईइंगशान जिन्लुओ (白莺山金螺, Báiyīngshān jīnluó, “बाईइंगशान के सुनहरा सर्पिल”) एकर लपेटाई के आकार के बतावे ला: घन डार डार सर्पिल नियर पत्ती जेह में बहुत सारा सुनहरा रोयाँ होला। बाईइंगशान सभसे पहिले आपन प्राचीन चाय के फेड़ आ चाय के पौधा के स्थानीय रूप सभ के असाधारण बिबिधता खातिर मशहूर बा, एही खातिर एकरा के अक्सर चाय के बिकास के प्राकृतिक संग्रहालय कहल जाला। पुएर खातिर क्लासिक कच्चा माल के तुलना में इहाँ के लाल चाय प्रोसेसिंग के एगो तुलनात्मक रूप से नया दिसा हवे, बाकिर किसिम सभ के समृद्धि आ पुरान फेड़ एह पेय पदार्थ के काफ़ी गहराई आ मिठास देला।


1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: लाल चाय (红茶, hóngchá), पूरा तरीका से ऑक्सीडाइज कइल।
  • इतिहासिक स्टाइल: जिन्लुओ (金螺, jīnluó) — हाथ से लपेटल सुनहरा टिप्स (金毫, jīnháo) वाला सर्पिल।
  • उत्पत्ति: बाईइंगशान पहाड़, मानवान टाउनशिप (漫湾镇, Mànwān Zhèn), युन्शियान काउंटी, लिन्चांग जिला, युन्नान प्रांत।
  • कच्चा माल के किसिम: युन्नान के बड़ पत्ते वाला (云南大叶种, Yúnnán dàyèzhǒng) आ बाईइंगशान के स्थानीय आबादी किसिम (群体种, qúntǐzhǒng)।
  • सिस्टम में जगह: ई युन्नान के लाल चाय दियानहोंग (滇红, Diānhóng) के बिसाल परिवार में आवे ला।

दियानहोंग युन्नान के लाल चाय सभ के एगो सामान्यीकृत नाँव हवे जेवन 1930 के दशक के अंत में सुरू भइल। बाईइंगशान जिन्लुओ एह परिवार के भीतर एगो क्षेत्रीय आ “टेरुआर” किसिम के रूप हवे: प्रोसेसिंग के तकनीक उहे होला जेतना दोसर दियानहोंग सभ के, बाकिर असली कच्चा माल एगो बिसेस सूक्ष्म-क्षेत्र से आवे ला जहाँ प्राचीन फेड़ बाड़े, जे एकरा के बड़े पैमाना पर बागान के दियानहोंग सभ से अलग करे ला।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • मूल क्षेत्र: बाईइंगशान के जंगली, संक्रमणकालीन आ खेती वाला चाय के पौधा के लमहर सह-अस्तित्व के केंद्र सभ में से एगो मानल जाला।
  • नाँव: एगो ब्यापक स्थानीय ब्याख्या के मोताबिक “बाईइंगशान” के अनुबाद “सफेद इवोल्ग/चिरई के पहाड़” होला आ ई चिरई सभ से जुड़ल बा जे कबो एह ढाल सभ पर बहुत संख्या में निवास करत रहलीं।

इतिहासी रूप से बाईइंगशान के दबावल आ ढीला शेंग-पुएर खातिर कच्चा माल के स्रोत के रूप में जानल जाला: स्थानीय आबादी सदियन से आपन इस्तेमाल आ आदान-प्रदान खातिर पुरान फेड़ सभ से पत्ती एकट्ठा करत रहल। 2000 के दशक में तथाकथित प्राचीन फेड़ के चाय (古树, gǔshù) में रूचि के साथे एह क्षेत्र के ब्यापक बाजार के ध्यान मिलल। बाईइंगशान में लाल चाय एगो तुलनात्मक रूप से बाद के दिसा हवे: पूरा ऑक्सीकरण के तकनीक सामान्य युन्नानी दियानहोंग परंपरा से आइल आ एकरा के स्थानीय बड़ पत्ते वाला कच्चा माल पर लागू कइल गइल ताकि एगो मीठ, कोमल पेय पदार्थ मिल सके जे ओही पत्ती के जवान शेंग-पुएर से कम कसैला होखे। एह तरे, बाईइंगशान जिन्लुओ सांस्कृतिक रूप से दियानहोंग के लाइन आ प्राचीन चाय के फेड़ सभ के अभयारण्य के रूप में बाईइंगशान के प्रतिष्ठा दुनु के बिरासत मिलल बा।

3. वानस्पतिक बिबरण आ कच्चा माल:

  • प्रजाति आ किसिम: मुख्य रूप से चाय चीनी असमिया किसिम (Camellia sinensis var. assamica), बड़ पत्ते वाला रूप।
  • रूप सभ के बिबिधता: बाईइंगशान में ढेर सारा स्थानीय आबादी रूप सभ के दस्तावेजीकरण कइल गइल बा; स्रोत सभ में अक्सर दोसर सभ के अलावा बेन्शान (本山茶, běnshān chá), हेइत्याओज़ी (黑条子, hēitiáozi), अरहेइज़ी (二嘿子, èrhēizi), दोउकोउ (豆蔻茶, dòukòu chá) के उल्लेख मिले ला।
  • फेड़ सभ के उमिर: जवान रोपाई से ले के कई सदी पुरान फेड़ तक।
  • कच्चा माल: बहुत सारा कली वाला जवान फ्लश; जिन्लुओ स्टाइल खातिर खासतौर पर कली सभ के ढेर मात्रा के महत्व दिहल जाला जेवन सुनहरा रोयाँ देला।

बाईइंगशान के खास बात ई बा कि इहाँ अइसन फेड़ सभ साथे-साथे मिले लें जिनहन के बिद्वान लोग जंगली (野生型, yěshēngxíng), संक्रमणकालीन (过渡型, guòdùxíng) आ खेती वाला (栽培型, zāipéixíng) प्रकार में बाँटे ला। दाली चाय (大理茶, Dàlǐ chá, Camellia taliensis) से जुड़ल प्रजाति सभ के मौजूदगी एह क्षेत्र के चाय के पौधा के उत्पत्ति आ पालतू बनावे के अध्ययन खातिर एगो मूल्यवान बिसय बनावे ला। लाल चाय खातिर आमतौर पर खेती वाला आ संक्रमणकालीन रूप सभ के कच्चा माल इस्तेमाल होला जेवन साफ मिठास आ “शहद नियर” गुन देला।

4. टेरुआर आ उपजावे के बिसेसता:

  • ऊँचाई: चाय के बागान मुख्य रूप से समुंद्र तल से लगभग 1800–2300 मीटर के दायरा में स्थित बाड़ें।
  • थलरूप आ पानी: मानवान क्षेत्र में लान्चांग नदी के पच्छिमी किनारा, गहिराह तरीका से बिस्थापित पहाड़ी ढाल।
  • जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय पहाड़ी जलवायु जेह में साफ सूखा आ गीला सीजन, दिन-रात के तापमान में काफी अंतर, बार-बार कोहरा होला।
  • खेती के रूप: छितराइल जंगली रूप से उगे वाला पुरान फेड़ (बाग-बन प्रकार) आ बाद के रोपाई के संयोजन।

ऊँचाई पर दिन-रात के तापमान के बड़ा आयाम पत्ती में सुगंधित आ स्वाद के यौगिक सभ के संचय में मदद करे ला, जबकि कोहरा आ बिखराइल रोशनी कड़वाहट के कम करे ला। लान्चांग नदी के घाटी आ बिपरित किनारे पर वूलियांग (无量山, Wúliàng Shān) पहाड़ी सिस्टम के नजदीकी स्थानीय सूक्ष्म-जलवायु के निर्माण करे ला। गहिराह जड़ सिस्टम वाला पुरान फेड़ जवान बागान सभ के तुलना में ढेर गाढ़, “भरपूर” रस वाला कच्चा माल देलें।

5. उत्पादन के तकनीक:

  • तुड़ाई (采摘, cǎizhāi): जवान फ्लश सभ के हाथ से तुड़ाई, ऊँच दर्जा के जिन्लुओ खातिर ढेर मात्रा में कली के साथे।
  • मुरझाई (萎凋, wěidiāo): नमी के कुछ हिस्सा खो के लचीलापन बढ़ावे खातिर पत्ती के मुरझावल।
  • लपेटाई (揉捻, róuniǎn): कोशिका संरचना के तोड़ल आ ऑक्सीकरण सुरू कइल।
  • ऑक्सीकरण (发酵, fājiào): ई प्रमुख चरण हवे जेवन लाल रस आ शहद-फल नियर प्रोफाइल तय करे ला; सख्ती से कहल जाव त ई एंजाइमी ऑक्सीकरण हवे, माइक्रोबियल किण्वन ना।
  • आकार दिहल (做形, zuòxíng): हाथ से पत्ती के सर्पिल- “घोंघा” में लपेटल जाला, जेवन जिन्लुओ स्टाइल के बिसेसता हवे।
  • सुखाई (干燥, gānzào): आकार आ सुगंध के तय कइल, स्थिर नमी तक ले आइल।

जिन्लुओ के सीधा, “सुई नियर” दियानहोंग सभ से अंतर ठीक मेहनत वाला हाथ के आकार दिहल में बा: चाय के पत्ती सभ के सर्पिल में लपेटल जाला, जेकरा चलते तइयार चाय के सुनहरा रोयाँ वाला घन डार डार के पहिचान लायक रूप मिले ला। ऑक्सीकरण के डिग्री आ समय मास्टर बिसेस कच्चा माल के हिसाब से नियंत्रित करे ला, मिठास आ रस के बॉडी के बीच संतुलन हासिल करे खातिर।

6. ऑर्गेनोलेप्टिक बिसेसता:

  • सूखा पत्ती: नमनीय गाढ़ा भूअर सर्पिल जेह में साफ सुनहरा टिप्स होखे।
  • रस के रंग: सुनहरा-संतरी से ले के साफ लाल, आमतौर पर पारदर्शी आ चमकदार।
  • सुगंध: शहद नियर (蜜香, mìxiāng) आ फूल-शहद नियर (花蜜香, huāmìxiāng), अक्सर सूखा फल, गरम बेकरी के चीज, पाकल फल के नोट के साथे।
  • स्वाद: मीठ, कोमल, गाढ़, बड़ पत्ते वाला कच्चा माल के गोल बॉडी के साथे आ बिना तेज कसैलापन के।
  • बाद के स्वाद: लमहर मीठ वापसी (回甘, huígān), मुँह में “गाढ़ापन” के एहसास।

बढ़िया से बनल बाईइंगशान जिन्लुओ के बिसेसता हवे जरल आ “सूखा” नोट के बिना सुगंध के सफाई, आ कई बेर गिला करे पर रस के स्थायित्व।

7. रासायनिक संघटन:

  • चाय पॉलीफिनोल (茶多酚, chá duōfēn): ताजा बड़ पत्ते वाला कच्चा माल में इनहन के मात्रा ढेर होला; ऑक्सीकरण के दौरान काफी हिस्सा पिगमेंट में बदल जाला।
  • ऑक्सीकरण पिगमेंट: थियाफ्लेविन (茶黄素, chá huángsù), थियारूबिगिन (茶红素, chá hóngsù), थियाब्राउन (茶褐素, chá hèsù) — ई रंग आ रस के बॉडी बनावे लें।
  • कैफीन (咖啡碱, kāfēijiǎn): युन्नान के बड़ पत्ते वाला कच्चा माल खातिर तुलनात्मक रूप से ढेर मात्रा बिसेसता हवे।
  • अमीनो एसिड: थियानीन (茶氨酸, chá’ānsuān) समेत, जे मिठास आ “उमामी” के एहसास से जुड़ल बा।
  • सुगंधित यौगिक: मुरझाई आ ऑक्सीकरण के दौरान बने वाला आ शहद-फल के गुलदस्ता देबे वाला उतार-चढ़ाव वाला पदार्थ सभ के जटिल मिश्रण।

सटीक मान बिसेस बैच, फेड़ के उमिर, सीजन आ तकनीक पर निर्भर करे ला, एही खातिर इहाँ गुनात्मक रुझान के बात कइल ढेर सही बा ना कि तय आँकड़ा के।

8. फायदेमंद गुन:

  • पेट खातिर कोमलता: ऑक्सीडाइज लाल चाय आमतौर पर हरियर चाय से ढेर “गरम” आ सौम्य महसूस होखे लीं।
  • एंटीऑक्सीडेंट: पॉलीफिनोल आ ओकर ऑक्सीकरण उत्पाद एंटीऑक्सीडेंट सक्रियता राखे लें।
  • ताजगी: कैफीन टॉनिक असर देला।

दिहल गइल बिंदु लाल चाय के बारे में सामान्य धारणा के दर्शावे लें आ ई चिकित्सकीय सलाह ना हवे। कैफीन के ब्यक्तिगत सहनशीलता अलग-अलग होला; एकरा प्रति संवेदनशील लोग के एकरा के सेवन करे के समय आ ताकत के चुनाव करे में एकरा के धियान में राखे के चाहीं।

9. बनावे के तरीका:

  • बर्तन: 100–150 मिली के मात्रा वाला गाइवान या छोट चायदानी चीनी माटी के या फेर यिक्सिंग माटी के।
  • अनुपात: गिला करे के तरीका खातिर लगभग 4–5 ग्राम प्रति 100–120 मिली।
  • पानी के तापमान: लगभग 90–95 °C; जेतना ढेर कोमल कली वाला कच्चा माल होखे ओतने कम सीमा के ओर।
  • धुलाई: इच्छा अनुसार 3–5 सेकंड के छोट कुल्ला, “खोले” खातिर ढेर, जरूरत से ढेर ना।
  • गिला करे के बेर: पहिला रस 5–10 सेकंड धीरे-धीरे बढ़ावत; प्राचीन फेड़ के गुनवत्ता वाला कच्चा माल 8–12 गिला तक सह सके ला।

यूरोपी तरीका खातिर लगभग 3 ग्राम प्रति 200–250 मिली पानी 90 °C पर ले के 3–4 मिनट खातिर भीगे दिहल जा सके ला। बहुत ढेर उबलत पानी आ बहुत लमहर भिगोवल कसैलापन बढ़ा देला आ बारीक शहद के सुगंध के दबा देला, एही खातिर छोट गिला से सुरू क के आपन स्वाद के हिसाब से समायोजित करे में बेहतर बा।

10. भंडारण:

  • बर्तन: कस के बंद होखे वाला अपारदर्शी पैकिंग या डिब्बा।
  • स्थिति: ठंढा, अँधेरा, सूखा, बाहरी गंध के अनुपस्थिति।
  • पड़ोस: मसाला, कॉफी, इत्र से दूर राखल — चाय आसानी से सुगंध सोख लेला।
  • समय सीमा: लाल चाय पुएर नियर लमहर समय ले पुरान होखे खातिर ना बनल होला; ताजा शहद-फल के प्रोफाइल पहिला एक-दू साल में सभसे ढेर ब्यक्त होला।

लाल चाय तुलनात्मक रूप से स्थिर होला आ नियंत्रित नमी नियर बिसेस स्थिति के माँग ना करे ला, बाकिर हवा, रोशनी आ नमी के पहुँच से सुगंध धीरे-धीरे फीका पड़ जाला। छोट बैच के अलग हवाबंद डिब्बा में राखल, जरूरत के हिसाब से खोलल ढेर सुबिधाजनक होला।

11. दाम आ नकली:

  • दायरा: बड़े पैमाना के दियानहोंग सस्ता होलें, जबकि बाईइंगशान के पुष्ट प्राचीन फेड़ के लाल चाय प्रीमियम खंड में आवे ला आ दाम बाजार के औसत से काफी ढेर होला।
  • दाम पर का असर पड़े ला: फेड़ के उमिर, कली के अनुपात, तुड़ाई के सीजन, हाथ के आकार दिहल के सफाई, उत्पादक के प्रतिष्ठा।

बाजार के मुख्य जोखिम। पहिला, “फेड़ वाला” (古树) चाय के नाँव पर अक्सर बागान के कच्चा माल बेचल जाला — पैकेट पर लिखल बात आपन-आप में कवनो गारंटी ना देला। दूसरा, बाईइंगशान के कच्चा माल के छोट हिस्सा के सस्ता युन्नानी दियानहोंग के साथे मिलावट मिले ला। तीसरा, कबो-कबो सुगंधकारक के इस्तेमाल होला जे नकली “कैंडी” मिठास देला।

गलती के जोखिम कइसे कम करीं: दावा कइल “फेड़ वाला” चाय खातिर बहुत कम दाम पर सावधान हो जाईं; सुगंध के स्वाभाविकता के आँकलन करीं — नकली मिठास सुगंधकारीकरण के पहिचान हवे; खुलले के बाद गीला पत्ती के देखल जाव (एकरा के साबुत, लचीला, एक समान होखे के चाहीं); बिक्रेता लोग के प्राथमिकता दीं जे बिसेस भूखंड आ सीजन बतावे के तइयार होखें, आ जहाँ तक हो सके बड़ा बैच खरीदे से पहिले चाय के चख लीं।

12. रोचक तथ्य:

  • बाईइंगशान के अक्सर “प्राचीन चाय के फेड़ सभ के प्राकृतिक संग्रहालय” कहल जाला काहें से कि इहाँ जंगली, संक्रमणकालीन आ खेती वाला रूप एके इलाका में साथे-साथे मिले लें।
  • लमहर समय ले ई क्षेत्र पुएर खातिर कच्चा माल के स्रोत के रूप में जानल जात रहल, आ लाल चाय इहाँ ओही पत्ती के एगो तुलनात्मक रूप से नया पाठ हवे।
  • स्टाइल के नाँव “जिन्लुओ” (सुनहरा सर्पिल) एके साथे लपेटाई के आकार आ कली सभ के सुनहरा रोयाँ के बरनन करे ला।
  • लान्चांग नदी के बिपरित किनारा वूलियांग पहाड़ी सिस्टम के ओर बढ़े ला, एही से ई क्षेत्र लिन्चांग आ पड़ोसी इलाका सभ के जानल-मानल चाय लैंडस्केप के जोड़ पर स्थित बा।

निष्कर्ष में:

लाल चाय बाईइंगशान (白莺山红茶, Báiyīngshān hóngchá) जिन्लुओ स्टाइल में ई उदाहरण हवे कि कइसे दियानहोंग के एगो पहिचानल जाए वाला तकनीक बिसेस टेरुआर कच्चा माल के माध्यम से प्रकट होला। कोमल, मीठ, शहद-फल नियर प्रोफाइल बिना तेज कसैलापन के एकरा ओह लोग खातिर भी समझे लायक बनावे ला जे युन्नान के लाल चाय से अभी परिचित हो रहल बाड़ें, आ प्राचीन चाय के फेड़ सभ के प्रमुख क्षेत्र सभ में से एगो से जुड़ाव पेय पदार्थ के एगो अतिरिक्त अर्थपूर्ण बजन देला।

खरीदत घरी बुद्धिमानी के बात ई बा कि पैकेट पर “प्राचीन फेड़” के जोरदार शब्द के बजाय बिक्रेता के प्रतिष्ठा, उत्पत्ति के पारदर्शिता आ चखाई के समय आपन अनुभव पर धियान दिहल जाव। मध्यम तापमान पर छोट गिला से बनावल गइल ई चाय आपन मिठास आ स्थायित्व सभसे बढ़िया से देखावे ला आ लिन्चांग के चाय सभ के दुनिया में एगो बढ़िया परिचय बनल रहे ला।

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