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bù lǎng shān shú bǐng
bù lǎng shān shú bǐng · 布朗山熟饼
बुलांगशान शू बिंग एगो दबाइल पोस्ट-फर्मेंटेड चाय पुएर ह, जवन दक्खिनी युन्नान प्रांत के मेंघाई काउंटी के बुलांगशान (布朗山, Bùlǎng Shān) परबत श्रेणी के बड़हन पत्ता वाला कच्चा माल से बनल होला। "शू" (熟, shú)
बुलांगशान शू बिंग एगो दबाइल पोस्ट-फर्मेंटेड चाय पुएर ह, जवन दक्खिनी युन्नान प्रांत के मेंघाई काउंटी के बुलांगशान (布朗山, Bùlǎng Shān) परबत श्रेणी के बड़हन पत्ता वाला कच्चा माल से बनल होला। “शू” (熟, shú) के मतलब होला “पाकल”, मतलब कि ई चाय कृत्रिम त्वरित फर्मेंटेशन गीला ढेरी से गुजरल बा, आ “बिंग” (饼, bǐng) माने चपटा डिस्क-रोटी के पारंपरिक रूप। बुलांगशान सिशुआंगबान्ना के सबसे परसिद्ध चाय क्षेत्रन में से एगो ह, जे अपना ताकतवर, गाढ़ आ सुरुआती तौर पर करइत कच्चा माल खातिर जानल जाला, जवन तइयार पाकल चाय में एगो घन, गरम आ मीठ पेय बन जाला। ई चाय अपना बिसेस “मेंघाई” ऑर्गेनोलेप्टिक गुन आ पेट पर कोमल परभाव खातिर सराहल जाले, जेकरा चलते ई रोज पिये खातिर आ लमहर समय तक भंडारण खातिर दुनो लोकप्रिय बा।
1. बरगीकरन आ उत्पत्ति:
- प्रकार: पोस्ट-फर्मेंटेड चाय पुएर (普洱茶, Pǔ’ěr chá), उपबरग — पाकल (शू) पुएर (熟茶, shú chá)।
- रिलीज रूप: दबाइल रोटी (饼茶, bǐngchá), ढेर करके मानक वजन 357 ग्राम, जेकरा “सात बेटा” (七子饼, qīzǐbǐng) के नाँव से जानल जाला; परंपरा अनुसार सात रोटी के बाँस के लपेटन में पैक कइल जाला — “तुंग” (筒, tǒng)।
- उत्पत्ति: बुलांगशान परबत श्रेणी, मेंघाई काउंटी (勐海县, Měnghǎi Xiàn), सिशुआंगबान्ना-दाई स्वायत्त प्रीफेक्चर (西双版纳, Xīshuāngbǎnnà), युन्नान प्रांत (云南, Yúnnán), पीआरसी।
- कच्चा माल: कच्चा मटेरियल शाईकिंग माओचा (晒青毛茶, shàiqīng máochá) — घाम में सुखावल, युन्नान के बड़हन पत्ता वाला झाड़ी के पत्ता से।
पुएर एगो बरग के रूप में भौगोलिक संकेत उत्पाद के दरजा राखे ला आ राष्ट्रीय मानक GB/T 22111-2008 “भौगोलिक संकेत उत्पाद. पुएर” से नियंत्रित होला। एकरे अनुसार, असली पुएर ऊ चाय ह जे युन्नान के निश्चित काउंटी सभ में स्थानीय बड़हन पत्ता वाला किसिम के कच्चा माल से पैदा होला। बुलांगशान एगो क्षेत्र के रूप में एह भूगोलीय क्षेत्र के सीमा में आवेला।
2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:
- पहिलका लोग: बुलांगशान श्रेणी बुलांग जाती (布朗族, Bùlǎngzú) के मूल इलाका ह, जे पुरान पु लोग (濮人, Púrén) के वंशज हवें, जिनका के एह क्षेत्र में चाय के पौधा के सभसे सुरुआती खेती करे वाला लोग में गिनल जाला।
- पुरान बागान: सभसे पुरान गाँव सभ में, सबसे पहिले लाओमान’ए (老曼峨, Lǎomàn’é) में, कई सदी पुरान चाय के पेड़ आ झुंड बचल बाड़ें; गाँव खुद एक हजार साल से ढेर समय से मौजूद बा आ एगो बौद्ध मंदिर संरक्षित बा।
- शू तकनीक: गीला ढेरी (渥堆, wòduī) से कृत्रिम फर्मेंटेशन के बिधी, जेकरे चलते पाकल पुएर संभव बा, 1970 के दशक में कुनमिंग आ मेंघाई के चाय कारखाना सभ में बिकसित आ लागू कइल गइल।
बुलांगशान सभसे पहिले लाओबानझांग (老班章, Lǎobānzhāng) आ लाओमान’ए नियर गाँव सभ के कच्चा (शेंग) पुएर खातिर परसिद्ध भइल, जहाँ पत्ता में बिसेस ताकत आ करइताहट होला। ओही कच्चा माल से पाकल पुएर बाद में आइल, जब ई बुझल गइल कि ताकतवर कच्चा माल के आधार ढेरी के बढ़िया से सह लेला, घन आ गाढ़ पेय देत बा। “मेंघाई स्वाद” (勐海味, Měnghǎi wèi) शब्द खास तौर पर मेंघाई में बनल पाकल पुएर के बिसेस ऑर्गेनोलेप्टिक गुन के बतावेला, जेकरा के स्थानीय पानी आ फर्मेंटेशन कारखाना सभ के स्थाई सूक्ष्मजीव पर्यावरण से जोड़ल जाला।
3. बनस्पति बिबरन आ कच्चा माल:
- बनस्पति प्रजाति: Camellia sinensis var. assamica — युन्नान के बड़हन पत्ता वाला झाड़ी (云南大叶种, Yúnnán dàyèzhǒng)।
- पत्ता: बड़हन, चमड़ा नियर, साफ नस वाला आ निकासे वाला पदार्थ आ पॉलीफेनॉल के ऊँच मात्रा वाला, जे असामी किसिम खातिर बिसेस बा।
- उगे के रूप: झाड़ीदार बागान रोपाई (台地茶) से ले के पुरान पेड़ (古树, gǔshù) आ ऊँच तना वाला रूप तक; “पेड़” चिन्हित बैच खातिर कच्चा माल ढेर उमिर वाला पौधा से तूरल जाला।
- तुराई: ढेर करके बसंत आ पतझड़ के; मानक — एगो-दू गो पत्ता के साथ कली, कबो-कबो किफायती बैच खातिर ढेर मोट पत्ता।
बुलांग कच्चा माल के बिसेसता होला करइत आ कसइला यौगिक सभ के ऊँच सांद्रता आ ताकतवर “चाय ऊर्जा” (茶气, cháqì)। लाओमान’ए गाँव में परंपरागत रूप से “करइत चाय” (苦茶, kǔchá) आ “मीठ चाय” (甜茶, tiánchá) — अलग-अलग करइताहट संतुलन वाली आबादी — में अंतर कइल जाला।
4. टेरुआर आ खेती के बिसेसता:
- भूआकृति आ ऊँचाई: परबत श्रेणी जहाँ चाय बागान समुंद्र तल से लगभग 1200 से 1900 मीटर के ऊँचाई पर बाड़ें; कुछ हिस्सा एकरे ऊपर भी।
- निर्देशांक: लगभग 21.5° उ. अ. आ 100.4° पू. दे.; ई श्रेणी काउंटी केंद्र मेंघाई के दक्खिन-पच्छिम ओर, म्यांमार सीमा के सहारे फइलल बा।
- जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी, गरम आ नम, बरसात आ सूखा मौसम के साफ बँटवारा, भरपूर कुहासा आ दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर वाला।
- माटी: लाल माटी आ लैटेराइट माटी, लोहा से भरपूर, अम्लीय, बढ़िया जल निकास वाली।
ऊँच ऊँचाई, कुहासा, पुरान जंगली समुदाय आ कई हिस्सा में कम हस्तक्षेप के तीव्रता के संयोग से घन पत्ता बनेला जेह में घुलनशील पदार्थ के ऊँच मात्रा होला। ईहे “कच्चा माल के ताकत” बुलांगशान के पाकल पुएर के गहिर फर्मेंटेशन के बाद भी गाढ़पन आ गहिराई बनवले राखे के अनुमति देला।
5. उत्पादन तकनीक:
उत्पादन दू चरण में बँटल बा: कच्चा मटेरियल बनावल आ ओकरे बाद फर्मेंटेशन आ दबाव।
- माओचा तइयारी: ताजा पत्ता → मुरझाई आ फइलाव (摊晾) → गरमी से हरियाली स्थिरीकरण (杀青, shāqīng) → मरोराई (揉捻, róuniǎn) → घाम में सुखाई (晒干) → कच्चा शाईकिंग माओचा।
- मुख्य चरण — गीला ढेरी: माओचा के गीला कइल जाला, ढेरी में जमा कइल जाला आ तोप दिहल जाला; नियंत्रित तापमान आ नमी पर सूक्ष्मजीव फर्मेंटेशन बिकसित होला जेह में फफूंद सभ के परभुत्व होला, सबसे पहिले करिया एस्परजिलस (黑曲霉, hēiqūméi, Aspergillus niger)।
- पलटाई: तापमान आ नमी के एकरूप करे खातिर ढेरी के समय-समय पर पलटाल जाला (翻堆); ढेरी के भीतर तापमान 50–65 °C तक पहुँच सकेला।
- समय: फर्मेंटेशन चक्र आमतौर पर बिधी आ जरूरी पकाव के डिग्री अनुसार लगभग 40–70 दिन के होला।
- सूखाई आ रखाई: फर्मेंट कइल मटेरियल के सुखावल जाला, अंश अनुसार छाँटल जाला, तेज ढेरी गंध हटावे खातिर कुछ समय आराम दिहल जाला।
- दबाई: चाय के भाप दिहल जाला, दबाव में रोटी में ढालल जाला, फेर धीरे-धीरे सुखावल जाला आ पैक कइल जाला।
फर्मेंटेशन के डिग्री नियंत्रित कइल जाले: कम-फर्मेंटेड चाय में ढेर कड़ापन आ आगे पाके के क्षमता बचल रहेला, पूरा पाकल — ढेर मीठ आ जवान उमिर में भी “तइयार” होला।
6. ऑर्गेनोलेप्टिक बिसेसता:
- सूखा पत्ता: कस के दबाइल गहिरा भूअर, चॉकलेटी-भूअर रंग के रोटी, कबो-कबो सोनहरा कलियन के साथ; खुशबू गरम, माटी-काठ वाली।
- पेय: गहिर, पारदर्शी, लाल-चेस्टनट या वाइन-माणिक रंगत; बढ़िया बैच में — साफ चमक के साथ।
- खुशबू: पुरान “एज्ड” टोन (陈香, chénxiāng), काठ-माटी के गंध, कबो-कबो जंगल तल, सूखा फल के रंग, कुछ बैच में — मीठ “चिपचिपा-चावल” के गंध।
- स्वाद: घन, तेलियर, ढँक लेवे वाला, साफ गाढ़पन वाला, जे बुलांग कच्चा माल खातिर बिसेस बा; कोमल मिठास, लवटत मिठास (回甘, huígān) के साथ साफ बाद-स्वाद।
- शरीर आ बनावट: गाढ़, मुँह में “गाढ़” एहसास (醇厚, chúnhòu), कच्चा विकल्प में होखे वाला तेज करइताहट के बिना।
- खुलेल पत्ता: गहिरा भूअर, एकरूप, बढ़िया से बनल चाय में लचकदार।
7. रासायनिक संघटन:
- थियाब्राउनिन (茶褐素, cháhèsù): ढेरी के दौरान साफ बढ़ जाला, पेय के गहिर रंग आ एकरे कोमलता खातिर जिम्मेदार।
- चाय पॉलीफेनॉल: कच्चा पुएर के तुलना में ऑक्सीकरण आ सूक्ष्मजीव रूपांतरण से काफी घट जाला, जेकरे चलते मुख्य करइताहट खतम हो जाला।
- कैफीन: सूखा पदार्थ के वजन के कुछ प्रतिशत के क्रम में, मध्यम मात्रा में बचल रहेला।
- पॉलीसैकेराइड: तुलनात्मक रूप से ऊँच, मिठास आ गाढ़पन के एहसास से जुड़ल।
- अमीनो एसिड: फर्मेंटेशन में आंशिक रूप से खरच हो जाला।
- सूक्ष्मजीव चयापचय उत्पाद: गैलिक एसिड आ अउरी यौगिक जे फफूंद आ बैक्टीरिया के काम से बनेलें।
सटीक प्रोफाइल बैच, फर्मेंटेशन डिग्री आ बाद के भंडारण पर निर्भर करेला, एहसे कौनो खास रोटी खातिर बिसेस आँकड़ा के अनुमानित दायरा के रूप में लेबे के चाहीं।
8. फायदेमंद गुन:
- पेट खातिर कोमल: पाकल पुएर परंपरागत रूप से “गरम” (温胃, wēnwèi) मानल जाला आ सक्रिय पॉलीफेनॉल के मात्रा घटला से कच्चा के तुलना में ढेर आराम से सहल जाला।
- पाचन में मदद: हलकापन के एहसास खातिर चिकनाईदार भा भरपेट खाना के बाद पियल जाला।
- लिपिड चयापचय पर अध्ययन-अधीन परभाव: अइसन अध्ययन बाड़ें जे नियमित पाकल पुएर सेवन के लिपिड स्तर पर परभाव से जोड़ेलें, बाकिर परिणाम के अंतिम चिकित्सकीय निश्कर्ष ना मानल जा सके।
- मध्यम स्फूर्ति: बचल कैफीन के चलते हलका टॉनिक परभाव देला, बेकरारी के बिना।
चाय कवनो दवाई ना ह; पुरान बेमारी आ गरभावस्था में कैफीन वाला पेय खातिर आम सिफारिश पर चले के समझदारी बा।
9. बनावे के बिधी:
- पानी: ताजा कोमल पानी, पूरा उबाल पर ले आइल, लगभग 100 °C।
- बासन: खुशबू नियंत्रण खातिर गाईवान (盖碗, gàiwǎn) या इसिंग माटी के चायदानी (紫砂壶, zǐshāhú), जे पाकल पुएर के स्वाद के चिकनाहट देला आ “गोल” करेला।
- मात्रा: अनुमानित 7–8 ग्राम प्रति 100–150 मिली, बहाव बिधी में।
- धुलाई: एक-दू गो छोट बहाव-”धुलाई” (洗茶, xǐchá) 5–10 सेकंड के, धूर धोखे आ कस के दबाइल पत्ता के “जगावे” खातिर; पहिला पानी फेंक दिहल जाला।
- बहाव: बहुते छोट भिगोवाई (लगभग 8–15 सेकंड) से सुरू करीं, फेर पेय के कमजोर होखे पर समय धीरे-धीरे बढ़ाईं।
- बनावे के संख्या: बढ़िया रोटी 10 से ढेर बहाव झेल सकेला, स्वाद धीरे-धीरे छोड़त।
- उबाल: घन, मुख्य ताकत छोड़ चुकल पत्ता के कोमल मीठ पेय खातिर धीम आँच पर चायदानी में उबालल जा सकेला।
बेवहारिक सलाह: अगर चाय जवान बा आ ओहमें ढेरी के गंध महसूस होला, त बने से पहिले कुछ दिन खातिर तूरल हिस्सा के ढेर बढ़िया से धोखल आ हवा लगावल मददगार होला।
10. भंडारण:
- शर्त: साफ, सूखा, हवादार जगह बिना बाहरी गंध के, सीधा रोशनी आ नमी के स्रोत से दूर।
- नमी आ तापमान: मध्यम आ स्थाई; ढेर गीलापन फफूंदी के खतरा बा, ढेर सूखापन पाके के रोक देला।
- पैकेजिंग: परंपरागत कागज के लपेटन आ बाँस के तुंग, लमहर भंडारण खातिर — गत्ता के डिब्बा; वायुरोधी प्लास्टिक से बचे के चाहीं।
- गंध से अलगाव: पुएर आसानी से बाहरी खुशबू सोख लेला, एहसे एकरा मसाला, सुगंध, रसोई से अलग राखल जाला।
पाकल पुएर सालन के साथ धीरे-धीरे बदलत रहेला: तेज ढेरी के टोन गायब हो जाला, स्वाद साफ, चिकन आ मीठ हो जाला। कच्चा से उलट, नाटकीय बदलाव के उम्मीद ना करे के चाहीं, बाकिर भंडारण से पिये के गुन में साफ सुधार होला।
11. कीमत आ नकली सामान:
- कीमत दायरा: बुलांगशान के पाकल पुएर आमतौर पर श्रेणी के अलग-अलग गाँव सभ के परसिद्ध कच्चा चाय से ढेर किफायती होला; कीमत कच्चा माल के उत्पत्ति, पेड़ के उमिर, उत्पादक के परसिद्धि आ भंडारण साल पर बहुत निर्भर करेला — किफायती कारखाना रोटी से ले के पुरान बागान के महँग बैच तक।
- धोखा के आम तरीका: दूसर इलाका के मटेरियल के बुलांग के रूप में पेश करब; कवनो जानल-मानल गाँव (जइसे, लाओबानझांग) के नाँव लगा दिहल जबकि पुष्टि ना होखे; भंडारण उमिर बढ़ा-चढ़ा के बतावल; तकनीकी रूप से बिफल, “अति-पकावल” भा फफूंद लागल चाय बेचब।
- जाँच कइसे करीं: बिना बासीपन आ फफूंदी के साफ खुशबू, घन आ गाढ़ स्वाद, बिना चिपचिपाहट के एकरूप गहिरा भूअर खुलेल पत्ता, पारदर्शी पेय पर धियान दीं।
समझदारी के मापदंड: संदिग्ध रूप से कम कीमत पर कुलीन सूक्ष्म-गाँव से जोड़ के बतावल लगभग हमेशा मिलावटी भा बदलल कच्चा माल के संकेत होला। बिस्वासी बेचे वाला से खरीदल ढेर बिस्वासजोग बा, खुद चाय के परखल, ना कि खाली लपेटन पर लिखल बात के, आ हो सके त पूरा रोटी खरीदे से पहिले नमूना चखल।
12. दिलचस्प तथ्य:
- करइताहट बिजिटिंग कार्ड के रूप में: बुलांग कच्चा माल, खासकर लाओमान’ए से, एतना साफ करइताहट खातिर परसिद्ध बा कि एकरा के उत्पत्ति के चिन्हक मानल जाला; पाकल चाय में ई ताकत गाढ़पन में बदल जाला।
- जाति आ पौधा: बुलांग लोग के सभसे पुरान चाय-खेती करे वाली जातियन में गिनल जाला, आ उनकर बस्ती अक्सर पुरान चाय के झुंड से घिरल रहेला।
- “मेंघाई स्वाद”: मेंघाई के पाकल पुएर के पहिचानल जाए वाला प्रोफाइल के पारखी लोग स्थानीय फर्मेंटेशन कारखाना सभ के स्थाई सूक्ष्मजीव पर्यावरण से जोड़ेलें।
- जवानी के उमिर: कच्चा पुएर से उलट, पाकल पुएर उत्पादन के लगभग तुरंत बाद पिये लायक हो जाला, जेकरा चलते ई सुबिधाजनक “रोज” के चाय बन जाला।
समापन में:
बुलांगशान शू बिंग मेंघाई के दू गो ताकतवर परंपरा के जोड़ेला — परसिद्ध परबत श्रेणी के ताकतवर बड़हन पत्ता वाला कच्चा माल आ कृत्रिम फर्मेंटेशन के तकनीक, जे एकर करइत ताकत के घन, गरम आ मीठ पेय में बदल देला। ई अइसन चाय ह जेह में बुलांगशान के टेरुआर आधार के पाकल पुएर के कोमलता से संतुलित कइल गइल बा, जेकरा चलते ई नया पियेवाला खातिर समझ में आवे वाला आ अनुभवी पसंद करे वाला खातिर दिलचस्प बा।
अइसन रोटी चुने में, लपेटन पर जोर-शोर से लिखल गाँव के नाँव के बजाय फर्मेंटेशन के साफई, स्वाद के गाढ़पन आ पेय के पारदर्शिता पर धियान देवल समझदारी बा। सही भंडारण से बुलांगशान के पाकल पुएर बरसन तक आराम से पाकत रहेला, चिकन आ पिये लायक बनत जाला, आ रोज के पोस्ट-फर्मेंटेड चाय के सभसे बिस्वासजोग विकल्पन में से एगो बनल रहेला।
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