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fú lái qīng

fú lái qīng · 浮来青

फु लाइ चिंग (*fú lái qīng*, 浮来青), जेकरा 'इमेंग हरियर' (*yí méng lǜ*, 沂蒙绿) के नाँव से भी जानल जाला — लिनयी (临沂) के आसपास के इलाका जू काउंटी (莒县) के एगो उत्तरी हरियर चाय ह, ई शांदोंग घराना के एगो प्रतिन

फु लाइ चिंग (浮来青, fú lái qīng)

फु लाइ चिंग (fú lái qīng, 浮来青), जेकरा ‘इमेंग हरियर’ (yí méng lǜ, 沂蒙绿) के नाँव से भी जानल जाला — लिनयी (临沂) के आसपास के इलाका जू काउंटी (莒县) के एगो उत्तरी हरियर चाय ह, ई शांदोंग घराना के एगो प्रतिनिधि चाय ह, जवन ‘दक्खिन से उत्तर खातिर चाय स्थानांतरण’ परियोजना पर फलल-फूलल।

1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: हरियर चाय (lǜ chá, 绿茶), किण्वन रहित।
  • श्रेणी: बसंत के नामी चाय (míng yōu, 名优) — गुणवत्ता वाला बसंत बैच के उत्पाद, जवन नया-नया फुटल पत्ता सभ से चुनल जाला।
  • उत्पत्ति: जू काउंटी (莒县) लिनयी (临沂) के आसपास के इलाका, शांदोंग प्रांत के दक्खिन में इमेंगशान (沂蒙山) के पहाड़ी इलाका ह। चाय के नाँव जू काउंटी के केंद्र के लगे फुलाइशान (浮来山) पहाड़ के नाँव पर रखल गइल बा — नाँव के पहिला हिस्सा “fú lái” इहाँ से आइल बा, जबकि “qīng” (青, ‘हरियर, पन्ना रंग’) चाय के श्रेणी आ पकाव के रंग के ओर इशारा करे ला।
  • क्षेत्र: जिआंगबेई (江北, ‘यांग्त्जी नदी के उत्तर के’) — चीन के चाय खेती के सबसे उत्तरी किनारा।
  • किसिम/कल्टीवार: बाहरी बीया से उपजावल गइल समूह बागान (yǐn zhǒng qún, 引种群) — दक्खिनी किसिम सभ के मिलल-जुलल कोष, जवन पाला सहे के ताकत खातिर चुनल गइल। इहाँ एगो कोडबद्ध किसिम के बजाय ‘बाहरी बीया से उपजल आबादी’ के कहल बेसी सही बा; जू काउंटी के बागान सभ के बिसेस किसिम के संरचना हर खेत में अलग-अलग मिल सके ला।
  • क्षेत्रीय परिवार: फु लाइ चिंग अपना दू गो बेसी परसिद्ध पड़ोसी — रिझाओ हरियर चाय (日照绿茶) आ लाओशान हरियर चाय (崂山绿茶) के बराबरे खड़ा बा, आ इनहन के साझा उत्तरी विरासत बा।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

फु लाइ चिंग के इतिहास चीनी चाय के पैमाना देखल जाय त छोट बा आ ई शांदोंग के चाय खेती के पूरा इतिहास से अलगा नइखे। ‘दक्खिन से उत्तर खातिर चाय स्थानांतरण’ अभियान से पहिले, इ अक्षांश चाय खेती खातिर बेकार मानल जात रहे — बहुत ठंडा।

  • ‘दक्खिन से उत्तर खातिर चाय स्थानांतरण’: फु लाइ चिंग कवनो पुरान उत्पत्ति के ना, बलुक बाहरी बीया वाली उत्पत्ति के चाय ह (yǐn zhǒng, 引种)। एकर झाड़ी कौनों स्थानीय जंगली आबादी से ना, बलुक सरकार के अभियान ‘nán chá běi yǐn’ (南茶北引, ‘दक्खिनी चाय के उत्तर खातिर स्थानांतरण’) के तहत शांदोंग में ले आइल गइल दक्खिनी किसिम सभ से निकलल बा, जे 1960 के दशक के बीच से सुरू भइल। ठीक ओही समय हरियर चाय पहिली बेर रिझाओ, चिंगदाओ (लाओशान) आ इमेंग क्षेत्र में जड़ पकड़लस।
  • क्षेत्र के अस्थापना: 1960 के दशक के बाहरी बीया के सफलता शांदोंग के ‘गैर-चाय’ प्रांत से हरियर चाय के एगो स्वतंत्र क्षेत्र में बदल दिहलस, आ इमेंगशान, रिझाओ आ लाओशान एकर तीन गो आधार क्षेत्र बन गइल। फुलाइशान पहाड़ वाला जू काउंटी ए नया उद्योग के इमेंग केंद्र बनल।
  • पहिचान: स्थानीय पहिचान खातिर ‘इमेंग पहाड़ + उत्तरी चाय’ के जोड़ी महत्वपूर्ण बा। फु लाइ चिंग के एगो क्षेत्रीय निशानी के रूप में देखल जाला, जवन दक्खिनी नफासत के बिपरीत शांदोंग के चरित्र — सहनशीलता, गाढ़ापन, स्वाद के सीधापन — बयान करे ला।

3. बनस्पति बरनन आ कच्चा माल:

ठंडा जलवायु पौधा के मजबूर करे ले कि ऊ घन, मोट पत्ता उपजावे। मोट उत्तरी पत्ता घुमाव-फिराव के कोशिस में बेसी टिके ला, आ ठीक एकर घनापन क्षेत्र खातिर बार-बार भिजो के पिए के सहनशीलता देला।

4. टेरुआर आ उपज के खासियत:

  • टेरुआर: फु लाइ चिंग के जनमस्थान शांदोंग प्रांत के दक्खिन में इमेंगशान (沂蒙山) के पहाड़ी इलाका ह, जवन प्रशासनिक रूप से लिनयी शहर के अधीन बा। ई अब क्लासिक दक्खिनी चाय पट्टी ना, बलुक चीन के चाय उपज के सबसे उत्तरी किनारा — जिआंगबेई (江北, ‘यांग्त्जी उत्तर’) क्षेत्र ह।
  • जलवायु: झेजियांग या हुनान के तुलना में बहुत बेसी महाद्वीपी — लंबा ठंडा जाड़ा, बिलंब से आवे वाला बसंत, दिन-रात के तापमान में जबरदस्त अंतर।
  • तुड़ाई: हेइजे पहिला पत्ता दक्खिनी प्रांत सभ के तुलना में देर से तउड़ल जाला, gǔ yǔ (谷雨, ‘अनाज के बरखा’) के आसपास, ना कि सुरुआती míng qián (मिंग छियान) में।
  • गुणवत्ता पर ठंड के परभाव: ठंड दू तरह से काम करे ले। एक तरफ, ई उपज के सीमित करे ले आ पौधा के मोट, घन पत्ता उपजावे खातिर मजबूर करे ले। दूसर तरफ, ठंडक में शर्करा आ अमीनो एसिड के धीरे-धीरे जमाव ऊ गाढ़, ‘गुर’ स्वाद बनावे ला जेकरा खातिर शांदोंग के हरियर चाय परसिद्ध बा।
  • पड़ोसी सभ से तुलना: इमेंगशान पहाड़ी आ महाद्वीपीय बा, लाओशान तटीय हवा भरल स्वाद वाला बा, रिझाओ सबसे बेसी परसिद्ध आ गाढ़ बा।

5. उत्पादन के तकनीक:

  • हरियरियाहट के फिक्स कइल: फु लाइ चिंग हरियर चाय ह (lǜ chá, 绿茶), माने की किण्वन रहित। मुख्य चरण हरियरियाहट के फिक्स कइल ह (shā qīng, 杀青), जवना में ऊँच तापमान से एंजाइम निकम्मा कइल जाला आ हरियर रंग आ ताजा सुगंध के तय कइल जाला।
  • पत्ता के आकार: तइयार पत्ता के आकार में फु लाइ चिंग दु गो करीबी प्रकार में आवे ला — मरोरल (juǎn qū, 卷曲) आ पट्टी-पट्टीदार (tiáo xíng, 条形)। पहिला दसा में, पत्ता के फिक्स कइले के बाद घन ‘कौमा (,) नियर’ आ घुमावदार रूप में मरोर दिहल जाला; दूसरा में — ओकरा खींच के, तुलना में सीधा पतला गोलाईदार रूप दिहल जाला। दुन्नो रूप शांदोंग घराना खातिर सामान्य बा आ एह घराना के, उदाहरण खातिर, चापट लोंगजिंग नियर रूप से अलग बतावे ला।

6. स्वाद-गंध के बिसेसता:

फु लाइ चिंग के स्वाद रूपरेखा शांदोंग के हरियर चाय सभ के साझा ‘उत्तरी’ चरित्र के बिरासत में मिलल बा: घन, गाढ़, पकाव में मजबूत भरपूरपन। ए क्षेत्र खातिर ताजा ‘मटर’ नियर गमक (豌豆鲜) के साथे गाढ़ सिंघाड़ा नियर सुर (板栗香) सामान्य बा — ठीक इहे जोड़ी इमेंग आ रिझाओ के चाय के पहिचान बनावे ले आ इनहन के दक्खिनी हलका-फुलका फूल-घास वाली रूपरेखा से अलग बतावे ला। मोट पत्ता धीरे-धीरे स्वाद छोड़े ला आ कई पानी चढ़ावे के सह लेला।

9. बनावे के तरीका:

ए तरह के हरियर चाय बनावे खातिर बेवहारिक सुझाव:

  • पानी: उबाल से काफी नीचे, लगभग 80 – 85 ° C, जवना से नया पत्ता ‘जरि’ ना जाय आ बेसी कड़वाहट ना खिंचल जाय।
  • बर्तन: काँच के गिलास चाहे गाइवान; काँच एह मामला में सुविधाजनक बा कि एकरा से मरोरल पत्ता के खुले के देखल जा सके ला।
  • अनुपात: मध्यम मात्रा में पत्ता डालल जाला, पहिला पानी दू-चार पल खातिर, बाद के थोड़ा-थोड़ा देर ले।
  • पानी चढ़ावल: पत्ता के घनापन के कारन फु लाइ चिंग कई पानी चढ़ावे के सह सके ला, धीरे-धीरे सिंघाड़ा-मटर के गमक फइलावत।

11. दाम आ नकली माल:

  • बजार के जगह: फु लाइ चिंग एगो मजबूत बिचला जगह बनवले बा — ई एगो उत्तम, पहिचानल जाए वाला क्षेत्रीय चाय ह, बेसी ऊँच दाम के परत खातिर दावेदारी ना करे, जवन शांदोंग में रिझाओ आ लाओशान के उम्दा बसंत बैच के चाय पकड़ले बाड़ी सन।
  • पुरातनता ना, उत्पत्ति: ई बाहरी बीया वाली चाय ह (nán chá běi yǐn), कवनो पुरान चाय क्षेत्र के अवशेष ना। इहाँ ‘पुरान चाय बगीचा’ के कवनो दावा के गहराई से जाँचल जाए के चाहीं।
  • उत्तरी रूपरेखा: सिंघाड़ा नियर सुर आ मटर नियर ताजगी वाला घन, गाढ़ स्वाद, कई पानी चढ़ावे के सामर्थ्य देखीं — ई गुणवत्ता वाला शांदोंग हरियर चाय के निशानी ह।
  • पत्ता के आकार: मरोरल घुमाव चाहे पट्टी नुमा रेशेदार रूप बिसेसता ह; चापट, लोंगजिंग नुमा पत्ता ए शैली खातिर सामान्य ना बा।
  • मौसम: असली नामी फु लाइ चिंग बसंत के उपज ह; उत्तर में बनस्पति के सुरुआत देर से होखे के कारन सबसे नीमन बैच दक्खिनी míng qián-चाय सभ से देर से तइयार होला।
  • क्षेत्रीय परिवार: फु लाइ चिंग के रिझाओ आ लाओशान हरियर चाय से तुलना करल तर्क संगत बा — साझा उत्तरी टेरुआर, बाकिर अलग-अलग सूछ्म परिस्थिती। इनहन अंतर सभ के समझ निशानी सभ के गड़बड़ ना करे में आ पियाला के इमेंग चरित्र के ठीक से परखे में मदद करे ला।

12. दिलचस्प तथ्य:

  • मानक: फु लाइ चिंग पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के हरियर चाय खातिर लागू सामान्य नियमन के पालन करे ले आ ओही स्वाद-गंध पैमाना पर आँकल जाला जवना पर दोसर हरियर चाय: सूखा पत्ता के बाहरी रूप, पकाव के रंग आ पारदर्शिता, सुगंध, स्वाद आ भीजल पत्ता के दसा। परीक्षण स्रोत में खाली फु लाइ चिंग से जुड़ल अलग से मानक संख्या नइखे, एही खातिर बिसेस कोड जानबूझ के ना दिहल गइल बा: शांदोंग के हरियर चाय खातिर समग्र रूप से हरियर चाय के क्षेत्रीय आ राष्ट्रीय जरूरत के सिस्टम लागू बा, आ फु लाइ चिंग, रिझाओ आ लाओशान के बीच के अंतर मुख्य रूप से टेरुआर आ बागान के उत्पत्ति के अंतर ह, अलग-अलग तकनीकी नक्शा के ना।