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gāncǎo piàn

gāncǎo piàn · 甘草片

मुलेठी के टुकड़ा (甘草片, gāncǎo piàn) मने कि सुखावल मुलेठी के जड़, जेकरा पातर-पातर गोलाई में काट के गरम पानी में डुबा के एगो नरम, साफ-साफ मिठास वाला पेय बनावल जाला। सबसे पहिले एगो बात साफ कर दीं: ई चा

मुलेठी के टुकड़ा (甘草片, gāncǎo piàn) मने कि सुखावल मुलेठी के जड़, जेकरा पातर-पातर गोलाई में काट के गरम पानी में डुबा के एगो नरम, साफ-साफ मिठास वाला पेय बनावल जाला। सबसे पहिले एगो बात साफ कर दीं: ई चाय बनस्पति के अरथ में नइखे — एह उत्पाद में चाय के झाड़ी (Camellia sinensis) के पत्ता भा कली कुछु नइखे, आ ई पेय खुद चीनी बरगीकरन में “बदल वाली चाय” मने कि जड़ी-बूटी वाला काढ़ा (代用茶, dàiyòng chá) के श्रेणी में आवेला। कच्चा माल के रूप में मुलेठी जाति (Glycyrrhiza) के कई गो नजदीकी परजाति सभ के जड़ आ मोट जड़ सभ के इस्तेमाल होला, खासकर के यूराल मुलेठी (Glycyrrhiza uralensis)। एकर खेती आ तैयारी के मुख्य इलाका चीन के सूखा उत्तरी आ उत्तर-पच्छिमी हिस्सा में पड़ेला — भीतरी मंगोलिया, शिंजियांग, गांसू, आ निंगशिया। रोजमर्रा के जिनगी में मुलेठी के प्राकृतिक मिठास आ कोटिंग करे वाली कोमलता खातिर सराहल जाला: एकरा अकेले बनावल जाला, जड़ी-बूटी के मेरवन में आ ठंडा करे वाला काढ़ा में मिलावल जाला, आ एकर बहुतायत से रसोई घर आ खाद्य उद्योग में इस्तेमाल होला।

1. बरगीकरन आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: जड़ से बनल जड़ी-बूटी वाला काढ़ा; चाय के बदले के चीज (代用茶, dàiyòng chá)
  • परिवार: फलियादार (Fabaceae, जेकरा Leguminosae भी कहल जाला)
  • जाति: मुलेठी (Glycyrrhiza)
  • स्रोत परजाति: यूराल मुलेठी (Glycyrrhiza uralensis), चिकन मुलेठी (Glycyrrhiza glabra), फूलल मुलेठी (Glycyrrhiza inflata)
  • कच्चा माल के चीनी नाँव: 甘草 (gāncǎo) — शाब्दिक अरथ “मीठ घास”

ई उत्पाद के असली चाय से अलगा कइल बहुते जरूरी बा। मुलेठी के टुकड़ा में Camellia sinensis नइखे, आ “चाय” शब्द इहाँ खाली आम बोलचाल के अरथ में इस्तेमाल होला — गरम काढ़ा के नाँव के रूप में। चीनी तरीका में अइसन पेय सभ के 代用茶 (dàiyòng chá), “बदल वाली चाय”, भा बस काढ़ा खातिर जड़ी-बूटी के कच्चा माल के रूप में सूचीबद्ध कइल जाला। ई अपने आप में एगो अलगे बिधा हवे जेकर अपन इतिहास आ बनावे के संस्कृति बा, न कि चाय पत्ती के नकल भा सस्ता बदल।

चीन जनवादी गणराज्य के भेषजग्रंथ (中国药典, Zhōngguó Yàodiǎn) औषधीय कच्चा माल 甘草 खातिर तीन गो बनस्पति परजाति के मान्यता देला — Glycyrrhiza uralensis, Glycyrrhiza inflata आ Glycyrrhiza glabra। खाद्य आ रोजमर्रा के इस्तेमाल खातिर अक्सर यूराल मुलेठी के इस्तेमाल होला काहें से कि उत्तरी चीन में ई सबसे ढेर पावल जाले।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इस्तेमाल के प्राचीनता: दू हजार बरिस से ढेर के लिखित परंपरा
  • सुरुआती उल्लेख: मुलेठी सबसे पुरान चीनी जड़ी-बूटी किताब में शामिल बा, जवना में “शेननोंग के जड़ी-बूटी ग्रंथ” (神农本草经, Shénnóng Běncǎo Jīng) भी सामिल बा
  • सम्मान के उपनाँव: 国老 (guólǎo), जड़ी-बूटी सभ में “बुजुर्ग नेता”

मुलेठी चीनी परंपरा के सबसे सम्मानित आ बहुत इस्तेमाल होखे वाला पौधा में से एगो हवे। एकर स्वाद आ दोसर घटक सभ के परभाव के नरम करे आ “मिलावे” के छमता खातिर एकरा पुराना जमाना से 国老 (guólǎo) कहल जाला — ई उपनाँव दक्खिनी राजबंस के जुग के चिकित्सक आ बिद्वान ताओ होंगजिंग (陶弘景, Táo Hóngjǐng) के दिहल गइल बतावल जाला। परंपरागत नुस्खा सभ में मुलेठी “मेरवन के सामंजस्य बनावे” (调和诸药, tiáohé zhū yào) खातिर जोड़ल जाला, आ परिनाम ई भइल कि ई परंपरागत नुस्खा सभ के बहुत बड़ हिस्सा में शामिल होखे लागल।

औषधालय के बेवहार के अलावा, मीठ जड़ लमहर समय से रोजमर्रा के जिनगी में जियताल बा: एकरा चबावल जाला, काढ़ा बनावल जाला, गरमी में पियास बुझावे खातिर पेय में डालल जाला, प्राकृतिक मिठाई के रूप में इस्तेमाल कइल जाला। इहाँ से “चाय” के रूप में बदलाव भइल — एगो सादा मीठ काढ़ा जे राह में, खेत में, आ घर में पीयल जाला।

3. बनस्पति बिबरन आ कच्चा माल:

  • जिनगी के रूप: बहुबरिसी जड़ी-बूटी वाला पौधा जेकर मजबूत मुख्य जड़ होला
  • इस्तेमाल होखे वाला हिस्सा: जड़ आ मोट जड़
  • काट के आकार: गोलाई में (कबो-कबो तिरछा) कटल टुकड़ा — इहे से नाँव 甘草片 पड़ल
  • काट पर गुणवत्ता के चीन्हा: किरननुमा पैटर्न, “गुदा-गुलदाउदी” (菊花心, júhuā xīn)

मुलेठी एगो गहिर, कई मीटर ले जाए वाला जड़ तंत्र बनावेले, जेकरा चलते ई सूखा मैदानी आ अध-रेगिस्तानी इलाका में जिंदा रह सकेला। कच्चा माल खातिर जड़ आ मोट मोट जड़ सभ के खनल जाला, छोट रेशेदार जड़ से साफ कइल जाला, सुखावल जाला, आ गोलाई में काटल जाला। गोलाई में काट से गोल “सिक्का” बनेला जेकर बिसेस बनावट होला।

  • छाल (बाहरी परत): लाल-भूअर से लेके मटियाहूँ-भूअर, लम्बाई में सिकुड़न के निशान के साथे
  • भीतरी ऊतक: हलका पियर, आटा नियर बनावट वाला (粉性, fěnxìng)
  • काट के पैटर्न: देखाई पड़े वाला कैम्बियम छल्ला आ किरननुमा धारी

“छाल समेत” आ छिलल (去皮, qùpí) कच्चा माल में अंतर कइल जाला। औषधालय के परंपरा में “कच्चा” मुलेठी (生甘草, shēng gāncǎo) आ शहद से उपचारित (炙甘草, zhì gāncǎo) के भी अलगा कइल जाला; “चाय” काढ़ा खातिर आमतौर पर कच्चा टुकड़ा के इस्तेमाल होला।

4. क्षेत्रीय बिसेसता आ खेती के बिसेसता:

  • चीन में क्षेत्र: भीतरी मंगोलिया (内蒙古, Nèiménggǔ), शिंजियांग (新疆, Xīnjiāng), गांसू (甘肃, Gānsù), निंगशिया (宁夏, Níngxià)
  • इलाका के प्रकार: सूखा मैदानी, अध-रेगिस्तान, नमकीन आ रेतीली माटी
  • मसहूर इलाका: ओरडोस के मुलेठी (鄂尔多斯, È’ěrduōsī), बिसेस रूप से हांगजीन बैनर (杭锦旗, Hángjǐn Qí)

मुलेठी सूखा आ नमक सहन करे वाली होले, एकरा खातिर गरीब रेतीली आ हल्का नमकीन माटी उपयुक्त होला जे कई फसल खातिर सही नइखे। मानल जाला कि गरम सूखा गरमी आ दिन-रात के तापमान में बड़ अंतर वाला महादीपी जलवायु जड़ में मीठ आ सुगंधित पदार्थ जमा करे में मदद करेला। इतिहासी रूप से ओरडोस के मुलेठी — जेकरा 梁外甘草 (liángwài gāncǎo) कहल जाला — के बिसेस रूप से महत्व दिहल जाला।

चीन में जंगली मुलेठी संरक्षित बा: ई संरक्षित जंगली पौधा सभ के सूची में शामिल बा, आ एकर तैयारी नियंत्रित बा आ अनुमति के जरूरत पड़ेला — मैदानी इलाका के बिनास के चलते बिना रोक-टोक के बड़ पैमाना पर संग्रह मना बा। एही से ढेर कच्चा माल खेत से आवेला, जहाँ जड़ के तैयारी से पहिले कई बरिस ले उगावल जाला।

5. उत्पादन के तकनीक:

  • फसल: मुख्य रूप से शरद ऋतु में, जब जड़ में जमा पदार्थ सभसे ढेर होला
  • सुरुआती प्रसंस्करन: माटी आ छोट रेशेदार जड़ से सफाई, जरूरत पड़ला पर छाल उतारल
  • सुखावल: लगातार सूखा अवस्था ले हवा-धूप में सुखावल
  • काट: गोलाई में टुकड़ा, मोटाई आ गोलाई के हिसाब से छाँटल

खनला के बाद जड़ के धोवल जाला, छाँटल जाला, जरूरत पड़ला पर टुकड़ा में बाँटल जाला आ सुखावल जाला। सूखा कच्चा माल के टुकड़ा में काटल जाला — रोजमर्रा के काढ़ा खातिर आमतौर पर पातर, ताकि आसानी से मिठास छोड़ सकें। तइयार उत्पाद के छाँटल जाला: ढेर मोट, एक समान, चमकीला पियर काट वाला टुकड़ा के ढेर महत्व दिहल जाला।

शहद से भूनल (炙甘草, zhì gāncǎo) भी होला — जड़ के शहद में भिजा के गरम कइल जाला; अइसन उत्पाद ढेर मीठ आ नरम होला, लेकिन ई औषधालय के प्रसंस्करन हवे, न कि रोजमर्रा के काढ़ा खातिर कच्चा माल। अलग से हमनी के बेईमानी के तरीका के जिकिर करब जा — “बेचे लायक” रूप खातिर गंधक से धुआँ दिहल — एकर बारे में नकली चीज वाला खंड में बिस्तार से।

6. इंद्रियग्राही बिसेसता:

  • कच्चा माल के रंग: बहरें से भूअर-भूरा, काट पर हलका से गहिरा पियर ले
  • सुगंध: हलका, जड़ी-बूटी नियर-मीठ, बिसेस किसिम के
  • काढ़ा के स्वाद: साफ-साफ मीठ, परत चढ़ावे वाला, हलका जड़ी-बूटी के बाद के स्वाद के साथे
  • काढ़ा के बनावट: नरम, “गहिर” मिठास के एहसास के साथे

तइयार काढ़ा हलका पियर, पारदर्शी होला। एकर मुख्य बिसेसता — गाढ़ प्राकृतिक मिठास जे मुँह में देर ले रहेला। चीनी से अलग, ई मिठास “गहिर” आ हलका मुलेठी नियर लागेला। बहुत देर भा बहुत गरम पानी में डुबावे पर हलका कड़वाहट आ कसावट आ सकेला।

7. रासायनिक संरचना:

  • मुख्य मीठ घटक: ग्लाइसीराइजिन (ग्लाइसीराइजिक तेजाब) — ट्राइटरपीन सैपोनिन
  • फ्लेवोनॉइड: लिक्वीरिटिन, आइसोलिक्वीरिटिन, लिक्वीरिटिजेनिन आ संबंधित यौगिक
  • परजाति-बिसेस पदार्थ: ग्लैब्रिडिन (Glycyrrhiza glabra खातिर ढेर बिसेसता), लाइकोकैल्कोन (बिसेस रूप से Glycyrrhiza inflata में)
  • अन्य: पॉलीसैकेराइड, कूमारिन, अलप मात्रा में सुगंधित घटक

बिसेस मिठास खातिर ग्लाइसीराइजिन जिम्मेदार बा: ई चीनी से दस गुना ढेर मीठ होला। जल अपघटन पर एकरा से ग्लाइसीरेटिक तेजाब अलग होला। फ्लेवोनॉइड आ कैल्कोन रंग, स्वाद के बारीकी देवेलें आ बैज्ञानिक रुचि के बिसय बनल बाड़ें। संरचना परजाति, उगावे के इलाका, जड़ के उमिर, आ प्रसंस्करन के तरीका पर निर्भर करेले।

8. फायदेमंद गुण:

  • चीनी रोजमर्रा के परंपरा में जइसन सोचल जाला: मुलेठी “गरमी साफ करे आ बिसाक्तता दूर करे” (清热解毒, qīngrè jiědú) आ “फेफड़ा के नम करे, खाँसी नरम करे” (润肺止咳, rùnfèi zhǐké) के बिचार से जुड़ल बा
  • बिज्ञान का अध्ययन करेला: मुलेठी के ग्लाइसीराइजिन, ग्लाइसीरेटिक तेजाब आ फ्लेवोनॉइड सभ के एंटीऑक्सीडेंट, सूजनरोधी, आ अउरी क्रियाकलाप खातिर शोध कइल जाला

ई साफ कहल जरूरी बा: मुलेठी के टुकड़ा एगो खाद्य उत्पाद आ रोजमर्रा के काढ़ा हवे, दवाई ना। दिहल गइल परंपरागत बिचार पीये के सांस्कृतिक संदर्भ के बरनन करेला, साबित चिकित्सकीय परभाव के ना; खुदरा के स्वास्थ्य दावा बिस्वकोश के लेख के दायरा से बाहर जाला आ एकरा चिकित्सकीय सलाह के रूप में ना लिहल जाए के चाहीं।

एकरे साथे-साथ मुलेठी खातिर आम रूप से जानल जाए वाली सावधानी बा जेकरा तटस्थ रूप से कहल उचित बा। बड़ मात्रा में ग्लाइसीराइजिन के नियमित सेवन पानी-नमक संतुलन के बिगाड़ सकेला — सोडियम आ पानी के रुकाव, पोटैशियम में कमी, ब्लड प्रेशर बढ़ल; साहित्य में एकरा “छद्म-एल्डोस्टीरोनिज्म” के रूप में बरनन कइल जाला। एही से उत्पाद के सीमित मात्रा में सेवन करे के सलाह दिहल जाला। अलग से सावधानी आमतौर पर गरभावस्था, हाई ब्लड प्रेशर, गुरदा आ दिल के बेमारी, आ कई दवाई सभ के एके साथे सेवन से जुड़ल बा। अंतर्राष्ट्रीय खाद्य एजेंसी रोजाना ग्लाइसीराइजिन के सेवन में संयम के सलाह देवेलीं। बिसेस खुराक आ तरीका बिसेसज्ञ खातिर सवाल हवे, बिस्वकोश खातिर ना।

9. बनावे के तरीका:

  • मात्रा: लगभग 3–5 ग्राम टुकड़ा (कुछ गो पत्तर) 250–300 मिली पानी खातिर
  • पानी: गरम, उबाल ले चढ़ल, लगभग 95–100 °C
  • बरतन: चायदानी, गाइवान, सादा थरमस मग भा थरमस
  • समय: पहिला काढ़ा खातिर 5–10 मिनट
  • डुबावे के बेर: 2–4 बेर, जब ले मिठास बरकरार रहे

मुलेठी के टुकड़ा गरम पानी में नीमन से मिठास छोड़ेलें। ढेर मिठास के चलते अक्सर जड़ के अकेले ना, बलुक जड़ी-बूटी के मेरवन के “मीठ करे वाला” के रूप में बनावल जाला — गुलदाउदी, पोदीना, गोजी बेरी वगैरह के साथे। काढ़ा के गरम पीयल जाला भा ठंडा कइल जाला: गरमी में ठंडा मुलेठी के काढ़ा ताजगी देवेला आ पियास नीमन से बुझावेला। देर ले उबालले से स्वाद गाढ़ होला, लेकिन हलका कड़वाहट आ सकेला, एही से नरम पेय खातिर डुबा के रखले भर काफी बा।

10. भंडारण:

  • दसा: सूखा, ठंडा, अँधेर जगह
  • बरतन: कस के बंद पैकिंग भा डिब्बा, बाहरी गंध से दूर
  • कच्चा माल के दुसमन: नमी, सीधा घाम, तेज गंध, रसोई के गरमी
  • खराबी के चीन्हा: नमी लागल, फफूँद के गंध, मिठास खतम

सूखा मुलेठी के टुकड़ा सही भंडारण पर लमहर समय ले चलेला। सबसे जरूरी नमी से बचावल बा: गीला कच्चा माल में आसानी से फफूँद लाग जाले। ढेर सूखा जड़ी-बूटी उत्पाद सभ नियर, मुलेठी के बंद डिब्बा में, मसाला आ हर गंध वाला चीज से दूर राखल जाला, काहें से कि छेददार जड़ आसानी से गंध सोख लेले।

11. दाम आ नकली चीज:

  • थोक दाम के अनुमान: मामूली खाद्य टुकड़ा खातिर लगभग 56 ¥/किग्रा के आसपास; बढ़िया किसिम ढेर महँगा, निम्न कोटि के कच्चा माल सस्ता
  • नीमन कच्चा माल के चीन्हा: पियर आटा नियर काट, साफ किरननुमा पैटर्न (菊花心, júhuā xīn), साफ मिठास, बिसेस गंध
  • का से बदलल जाला: उद्योग में ग्लाइसीराइजिन निकालला के बाद बचल “थकल” जड़, जड़ के मोट लकड़ी नियर हिस्सा, परजाति आ किसिम के मिलावट

दाम बहुत हद ले किसिम, टुकड़ा के गोलाई, मुलेठी के परजाति, आ इलाका पर निर्भर करेला। बतावल गइल कीमत के क्रम के मामूली थोक कच्चा माल खातिर अनुमान के रूप में समझल जाए के चाहीं, न कि खुदरा दाम के वादा के रूप में। असली गुणवत्ता वाला टुकड़ा के काट पियर, “आटा नियर”, किरन सभ के तारा नियर पैटर्न वाला होला; स्वाद में एकदम साफ आ तेज मीठ होला।

खरीददारी में मुख्य जोखिम — अइसन कच्चा माल जेकरा से उद्योग में मिठास पहिलहीं आंशिक रूप से निकाल लिहल गइल होखे: अइसन टुकड़ा देखे में ओही नियर लागेलें, लेकिन एकदम कम मीठ होलें। अस्वाभाविक रूप से हलका, “ब्लीच कइल” रूप आ खट्टा तीखा गंध से सचेत हो जाए के चाहीं — ई गंधक से धुआँ दिहले के संभावित चीन्हा हवे। करिया, चूरा-चूरा, ढेर छाल आ कम पियर ऊतक वाला टुकड़ा भी निम्न गुणवत्ता के सूचक हवें।

12. रोचक तथ्य:

  • लैटिन नाँव के अरथ: जाति के नाँव Glycyrrhiza यूनानी शब्द “मीठ” आ “जड़” से बनल बा, मने शाब्दिक रूप से “मीठ जड़”; इहे से यूरोपीय शब्द “लिकोरिस” आइल।
  • “जड़ी-बूटी सभ के बुजुर्ग नेता”: उपनाँव 国老 (guólǎo) मेरवन के संरचना के “समन्वयक” के रूप में मुलेठी के भूमिका के रेखांकित करेला।
  • हर जगह पावल जाए वाला घटक: मुलेठी बहुत बड़ हिस्सा के परंपरागत चीनी नुस्खा सभ में शामिल बा — ढेर हद ले समन्वय के काम के चलते।
  • खाली काढ़ा ना: मीठ जड़ के प्राकृतिक मिठाई आ सुगंध एजेंट के रूप में इस्तेमाल कइल जाला — कैंडी, सॉस, सुगंधित शोरबा में पकावल नमकीन (卤味, lǔwèi), हलुआई के सामान में।
  • चीनी बिना मिठास: मुख्य मीठ घटक ग्लाइसीराइजिन बा, चीनी ना, एही से स्वाद “लिकोरिस नियर” पहिचानल जाला, “चीनी नियर” ना।

अंत में:

मुलेठी के टुकड़ा एगो नीमन उदाहरण बा कि कइसे औषधीय-खाद्य परंपरा के एगो साधारण कच्चा माल रोजमर्रा के पेय बन गइल। तकनीकी रूप से ई 代用茶 (dàiyòng chá), “बदल वाली चाय” हवे, न कि Camellia sinensis से बनल चाय, लेकिन एकरा पीछे अपन सदियन पुरान संस्कृति बा — भीतरी मंगोलिया आ शिंजियांग के मैदानी खेत से लेके थरमस में सादा मीठ काढ़ा ले। उत्पाद के महत्व प्राकृतिक मिठास, कोमलता, आ बहुमुखी उपयोगिता में बा: ई अपने आप में भी ओतने सही बा जेतना जड़ी-बूटी मेरवन के आधार के रूप में।

एकरे साथे-साथ परंपरा के सम्मान एगो संतुलित नजरिया के रद्द ना करेला: मुलेठी एगो खाद्य उत्पाद हवे, दवाई ना, आ एकर मिठास जैविक रूप से सक्रिय ग्लाइसीराइजिन से आवेला जे संयम के माँग करेला। समझदारी भरा तरीका — साफ “गुलदाउदी” काट वाला ईमानदारी से कटल पियर कच्चा माल खरीदल जाव, एकरा सूखा रखल जाव, आ सीमा में बनावल जाव, चिकित्सकीय सवाल बिसेसज्ञ लोग खातिर छोड़ दिहल जाव।

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