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lǎo pǐn zhǒng lǎo shù sōng zhēn

lǎo pǐn zhǒng lǎo shù sōng zhēn · 老品种老树松针

ला पिनचोंग लाओशू सोंगझेन (老品种老树松针) एगो चीनी लाल चाय (红茶, hóngchá) हवे, जेकर नाँव शाब्दिक रूप से एकर तीन गो परिभाषित करे वाला लच्छन सब के खोले ला: पुरान किसिम के प्रकार (老品种, lǎo pǐnzhǒng), पुरान चाय क

ला पिनचोंग लाओशू सोंगझेन (老品种老树松针) एगो चीनी लाल चाय (红茶, hóngchá) हवे, जेकर नाँव शाब्दिक रूप से एकर तीन गो परिभाषित करे वाला लच्छन सब के खोले ला: पुरान किसिम के प्रकार (老品种, lǎo pǐnzhǒng), पुरान चाय के पेड़ (老树, lǎoshù) आ “चीड़ के सुई” (松针, sōngzhēn) के आकृति। ई कवनो भौगोलिक नाँव भा अलग से बनस्पति किसिम ना हवे, बलुक पूरा तरीका से ऑक्सीकृत चाय के एगो अइसन शैली हवे जेह में पत्ता सभ के लपेट के पातर सीधा सुई नियर खींचल जाला जे चीड़ के पत्ता के याद दियावेला। एकर कच्चा माल बूढ़ झाड़ी आ पेड़ सभ के पारंपरिक, गैर-चयनित आबादी सभ के फ्लश होला। अइसन चाय प्रीमियम साबुत पत्ता वाली लाल चाय (工夫红茶, gōngfu hóngchá) के जगह बनावे लीं आ एकर कदर एकरा नरम, मीठ स्वाद खातिर कइल जाला जेह में तेज कसैलापन ना होला, जे पुरान पौधा सभ के सामग्री के बिसेसता हवे।


1. बर्गीकरण आ उत्पत्ती:

  • प्रकार: लाल, पूरा तरीका से ऑक्सीकृत चाय — 红茶 (hóngchá)।
  • उपश्रेणी: साबुत पत्ता वाली लाल चाय — 工夫红茶 (gōngfu hóngchá); चीन में एह समूह के बरनन राष्ट्रीय मानक श्रृंखला GB/T 13738 (गोंगफू-लाल चाय खातिर समर्पित हिस्सा) द्वारा कइल जाला।
  • आकृति: “चीड़ के सुई”, 松针 (sōngzhēn) — पातर, सीधा, घन रूप से लपेटल चाय के पत्ती।
  • कच्चा माल: पुरान पेड़ (老树) सभ से पुरान किसिम के प्रकार (老品种)।
  • उत्पत्ती: नाँव कवनो बिसेस जिला से बान्हल नइखे।

शब्द 松针 जगह के ना, बलुक आकृति के ओर इशारा करे ला। इतिहासी रूप से सुई नियर आकृति बनावे के काम हुनान प्रांत के हरियर चाय आनहुआ सोंगझेन (安化松针, Ānhuà sōngzhēn) खातिर सबसे ढेर जानल जाला; बाद में ई तरीका लाल चाय पर भी लागू कइल गइल। “पुरान किसिम के प्रकार” आ “पुरान पेड़” पर जोर युनान प्रांत (云南, Yúnnán) के बड़हन पत्ता वाला बागान सभ खातिर, आ साथे-साथ फूजियान (福建, Fújiàn), गुइझोऊ (贵州, Guìzhōu) आ हुनान (湖南, Húnán) में बीज आबादी (群体种, qúntǐzhǒng; 菜茶, càichá) के बिसेसता हवे। उत्पादक के बिना बतावल, खाली नाँव से सटीक क्षेत्र के पता ना लगावल जा सके ला।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • लाल चाय के जनमभूमि: चीन; पहिला लाल चाय आमतौर पर झेंगशान शियाओझोंग (正山小种, Zhèngshān xiǎozhǒng) के मानल जाला जे वूयीशान क्षेत्र से आइल आ 16वीं-17वीं सदी में सामने आइल।
  • गोंगफू-लाल चाय: एक ठो बाद के शाखा; बिसेस रूप से, युनान के डियानहोंग (滇红, Diānhóng) के बिकास 1930 के दशक के अंत में फेंग शाओकिउ (冯绍裘, Féng Shàoqiú) के नेतृत्व में फेंगकिंग काउंटी (凤庆, Fèngqìng) में भइल।
  • सुई नियर आकृति: चीन के सुरुआती सुई नियर चाय सभ में से एक हरियर आनहुआ सोंगझेन रहे, जे 1950 के दशक के अंत में आकार लिहलस।

“पुरान किसिम के प्रकार, पुरान पेड़, चीड़ के सुई” के शैली एगो आधुनिक घटना हवे। ई 2000-2010 के दशक में चीनी लाल चाय के प्रीमियमीकरण आ पुरान पेड़ सभ में आम रुचि के लहर पर उपजल, जे पुएर संस्कृति से आइल। सांस्कृतिक रूप से, उत्पाद दू गो रुझान के देखावे ला: आधुनिक क्लोन सभ के एकहरी खेती के बिपरीत पारंपरिक बीज आबादी सभ के ओर वापसी, आ पहिले हरियर चाय के बिसेसता वाली श्रम-गहन आकृति बनावे के तकनीक के लाल चाय के खंड में ले आवल।

3. बनस्पति बिबरन आ कच्चा माल:

  • प्रजाति: कैमेलिया साइनेन्सिस।
  • किसिम: क्षेत्र के हिसाब से — दक्खिन-पच्छिम में बड़हन पत्ता वाली var. assamica (大叶种, dàyèzhǒng) भा पुरान बीज बागान सभ में छोट-मझोला पत्ता वाली var. sinensis।
  • किसिम के प्रकार (老品种): अचयनित बीज आबादी — 群体种 (qúntǐzhǒng), 菜茶 (càichá); नामित बड़हन पत्ता वाला सभ में से — युनान दायेझोंग (云南大叶种, Yúnnán dàyèzhǒng), मेंग्कू दायेझोंग (勐库大叶种, Měngkù dàyèzhǒng), फेंगकिंग दायेझोंग (凤庆大叶种, Fèngqìng dàyèzhǒng)।
  • पौधा के उमिर (老树): दसकन साल; “老” शब्द आमतौर पर “古树” (gǔshù, सौ साल भा एकरा से ढेर पुरान पेड़) से छोट उमिर के सामग्री के बतावे ला।
  • तुड़ाई: एगो-दू गो पत्ता के साथे कोंपल; सुई नियर आकृति खातिर कोमल, कोंपल से भरपूर कच्चा माल पसंद कइल जाला।

बीज आबादी आनुवंशिक रूप से एकसमान ना होले, जे एक ठो जटिल, “बहुपरती” रस देला। बिकसित जड़ प्रणाली वाला पुरान पौधा आमतौर पर कम उपज पर ढेर समान जैव रसायन आ गाढ़, मीठ स्वाद देलें।

4. टेरुआर आ उगावे के बिसेसता:

  • उच्चावच: मुख्य रूप से मिश्रित बनस्पति वाला पहाड़ी आ ढालू बागान।
  • ऊँचाई: क्षेत्र पर निर्भर; युनान में अक्सर 1000–2000 मी आ एकरा से ढेर, पूरबी प्रांत सभ में कम।
  • कृषि तकनीक: बिस्तारक, कम से कम रासायनिक हस्तक्षेप के साथे; पुरान पेड़ सभ के आमतौर पर तेज छँटाई ना कइल जाला।
  • प्रजनन: पुरान किसिम के प्रकार आमतौर पर बीज से उपजल होलें, एही से झाड़ी आ रस में बिबिधता होला।

एह शैली खातिर सटीक निर्देशांक आ ऊँचाई ना बतावल जा सके ला, काहें से कि ई कवनो एक ठे बागान से बान्हल नइखे; टेरुआर के मानदंड उत्पादक के बिसेस बागान द्वारा तय होलें।

5. उत्पादन के तकनीक:

  • तुड़ाई (采摘, cǎizhāi): हाथ से, साफ-सफाई से, फ्लश के अखंडता बनवले राखत।
  • मुरझाई (萎凋, wěidiāo): नमी कम करल आ पत्ता के लपेटे खातिर तइयार कइल।
  • लपेटाई (揉捻, róuniǎn): कोशिका सभ के तूरेल, ऑक्सीकरण सुरू करल।
  • ऑक्सीकरण (发酵, fājiào): पूरा — लाल चाय खातिर प्रमुख चरण; रंग आ स्वाद प्रोफाइल बनावे ला।
  • आकृति-खिंचाई (理条 / 做形, lǐtiáo / zuòxíng): सुई नियर आकृति दिहल।
  • सुखाई (干燥, gānzào; 烘干, hōnggān): आकृति आ नमी के स्थिर कइल।

एह शैली के बिसेस संचालन हवे — 理条 (lǐtiáo), चाय के पत्ती सभ के पातर सीधा सुई में सीधा क के खींचल। ई हाथ से भा बिसेस मशीन (理条机, lǐtiáojī) पर लपेटाई के दौरान भा एकरा बाद, अंतिम सुखाई से पहिले कइल जाला। इहे चरण उच्च सटीकता आ बहुत हद तक हाथ के श्रम के माँग करे ला, काहें से कि असमान आकृति तुरते तइयार चाय में देखल जा सके ला।

6. ऑर्गेनोलेप्टिक बिसेसता:

  • बाहरी रूप (外形, wàixíng): सीधा, पातर, घन सुई गहिरा भूअर रंग के, अक्सर सोनहरा कोंपल के रोयाँ (金毫, jīnháo) के साथे।
  • रस (汤色, tāngsè): सोनहरा-नारंगी से ले के अंबर-लाल, पारदर्शी।
  • महक (香气, xiāngqì): शहद, फूल आ फल (सूखा फल, भुजल कंद) के नोट; पुरान पेड़ के सामग्री में गहिराई आ नरम “लकड़ी नियरपन”, कबो-कबो माल्टीपन जुड़ जाला।
  • स्वाद (滋味, zīwèi): नरम, मीठ, गाढ़, लंबा समय ले वापस आवे वाला मीठ स्वाद (回甘, huígān) के साथे; कसैलापन मध्यम।
  • चाय के तली (叶底, yèdǐ): तामड़-लाल, लचकदार, एकसमान।

7. रासायनिक संघटन:

  • थियाफ्लेविन्स (茶黄素, cháhuángsù) आ थियारुबिगिन्स (茶红素, cháhóngsù): कैटेचिन सभ के ऑक्सीकरण उत्पाद, जे रंग, चमक आ रस के “शरीर” निर्धारित करे लें; ढेर गहिर ऑक्सीकरण पर थियाब्राउनिन्स (茶褐素, cháhèsù) जमा होलें।
  • कैफीन (咖啡碱, kāfēijiǎn): अनुमानित रूप से सूखा वजन के 2–4%।
  • पॉलिफेनोल (茶多酚, chá duōfēn): आंशिक रूप से ऑक्सीकरण के दौरान बदल जालें।
  • एमिनो एसिड (茶氨酸, chá’ānsuān, L-थियानीन वगैरह): मिठास आ “उमामी” के रंगत देलें।
  • पॉलिसैकेराइड आ खनिज पदार्थ।

बिसेस मान किसिम आ क्षेत्र पर निर्भर करे लें: var. assamica के बड़हन पत्ता वाला माल आमतौर पर छोट पत्ता वाला आबादी के तुलना में पॉलिफेनोल आ कैफीन से ढेर भरपूर होला। एह शैली खातिर सटीक आँकड़ा बदलत रहे लें, एही से इनहन के सीमा के रूप में बिचार करल उचित बा।

8. फायदेमंद गुण:

  • पारंपरिक बिचार अनुसार चरित्र: पूरा ऑक्सीकृत चाय के हरियर चाय के तुलना में “गरम” (温, wēn) आ पेट खातिर नरम मानल जाला।
  • एंटीऑक्सीडेंट: थियाफ्लेविन्स आ थियारुबिगिन्स के एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि से जोड़ल जाला।
  • टोनिंग: मध्यम, कैफीन के कारण; सहनशीलता ब्यक्तिगत होला।
  • गरमाहट आ पाचक परभाव: खाना के बाद गरम रस के पारंपरिक इस्तेमाल।

दिहल गुण सामान्य प्रकृति के हवें आ चिकित्सकीय सलाह ना हवें; कैफीन के परति संवेदनशीलता होखे पर ताकत आ पकावे के समय के ध्यान रखल चाहीं।

9. पकावे के तरीका:

  • बर्तन: गाइवान (盖碗, gàiwǎn) भा चीनी माटी के चायदानी; ढेर गाढ़ शरीर खातिर यीशिंग माटी (紫砂, zǐshā) उपयुक्त रही।
  • अनुपात (गोंगफू): लगभग 5 ग्रा प्रति 100–120 मिली।
  • अनुपात (यूरोपीय तरीका): 3–4 ग्रा प्रति 300 मिली।
  • पानी के तापमान: 90–95 °C; पुरान पेड़ के गाढ़ माल 95–100 °C के सह सके ला।
  • धुलाई: इच्छा अनुसार छोट धोवे वाला पानी डालल।
  • पानी डलाई (गोंगफू): पहिला 5–10 सेकंड, एकरा बाद धीरे-धीरे समय बढ़ावत; 8–12 पानी डलाई तक टिके ला।
  • डुबो के रखल (यूरोपीय तरीका): 3–4 मिनट।

सुई नियर आकृति धीरे-धीरे खुले ला। कोमल कोंपल वाली चाय पर बहुत गरम पानी अतिरिक्त कसैलापन ले आवे सके ला, एही से बढ़ियर कच्चा माल खातिर तापमान के निचला सीमा से सुरू करे के चाहीं; पुरान पेड़ सभ के सामग्री, सामान्य रूप से, गरम पानी के बढ़ियन से सह सके ले आ मिठास के ढेर पूरा तरीका से छोड़े ले।

10. भंडारण:

  • बर्तन: हवाबंद, अपारदर्शी।
  • स्थिति: सूखापन, बाहरी गंध के अनुपस्थिति, रोशनी से बचाव, कमरा के तापमान।
  • अवधि: ढेर बढ़ियां 1–2 साल के भीतर; गुणवत्ता वाला गोंगफू-लाल चाय आपन चरित्र 2–3 साल तक बना के रखे ला, सुरुआती महीना में हल्का नरम पड़ जाला।
  • का ध्यान राखल जाय: ई पुएर भा सफेद चाय नियर लंबा समय ले रखे वाली चाय ना हवे; समय के साथे महक फीका पड़ जाला, आ बेसी नमी पर बसावट आ जाला।

11. दाम आ नकली सामान:

“पुरान किसिम के प्रकार” आ “पुरान पेड़” के परिभाषा जाँचल मुश्किल बा, आ अक्सर इहे दाम बढ़ावे लें। पुरान पेड़ सभ से मिले वाला माल के वास्तविक मात्रा सीमित बा, जबकि “पुरान-पेड़” चाय के बाजारू आपूर्ति एकरा से काफी बेसी बा। दाम के सीमा बिस्तृत बा: मामूली कच्चा माल से बनल आम सुई नियर लाल चाय सस्ता होला, जबकि प्रमाणित बागान सभ से छोट बैच के पार्टी काफी महँग होले; बिना कवनो बिसेस उत्पादक के बतावल सटीक रकम बतावल उचित ना होई।

बिगाड़ के सामान्य तरीका: आधुनिक क्लोन बागान सभ के चाय के “पुरान किसिम के प्रकार” भा “पुरान पेड़” के रूप में बेचल; मामूली कच्चा माल से मिलल सुई नियर रूप के प्रीमियम बता के बेचल; कुछ मामिला में — सुगंधीकरण भा मिठास बढ़ावल।

का ध्यान देवे के बा:

  • महक: प्राकृतिक, बिना सिंथेटिक “कैरामेल-कैंडी” रंगत के।
  • पत्ता: एकसमान, साबुत सुई; सोनहरा रोयाँ प्राकृतिक हों, रंगल ना हों।
  • रस: गाढ़ शरीर, लंबा 回甘 (huígān) आ ढेर पानी डलाई पर टिकाऊपन — गुणवत्ता वाला माल के लच्छन।
  • चाय के तली: एकसमान, लचकदार, बहुत टूटल टुकड़ा सभ के बिना।
  • सामान्य बुद्धि: संदेहास्पद रूप से सस्ता “पुरान-पेड़” चाय लगभग हमेशा अइसन ना होले; अइसन बिक्रेता लोग से खरीदल ढेर बिस्वासजोग बा जे उत्पत्ती बतावे खातिर तइयार हों।

12. रोचक तथ्य:

  • नाँव 松针 (sōngzhēn) भूगोल के ना, बलुक आकृति — पातर सुई — के देखावे ला।
  • संचालन 理条 (lǐtiáo) एह शैली के श्रम-गहन बना देला: असमान आकृति तुरते लउक जाले, एही से हाथ के श्रम के हिस्सा ढेर होला।
  • “老品种” आधुनिक क्लोन किसिम सभ के बिपरीत रखल जाला आ पुरान बीज आबादी सभ के संरक्षण करे के आंदोलन से जुड़ल बा।
  • सुई नियर रूप चीनी चाय में सबसे पहिले हरियर आनहुआ सोंगझेन के माध्यम से आइल; लाल चाय खातिर ई तरीका बाद में उधार लिहल गइल।
  • “老树” आ “古树” पर्यायवाची ना हवें: ई पौधा सभ के उमिर के बिपणन श्रेणी हवे, जहाँ “पुरान पेड़” आमतौर पर “प्राचीन” से छोट होला।

निष्कर्ष:

ला पिनचोंग लाओशू सोंगझेन एगो स्थिर टेरुआर वाला अलग इतिहासी किसिम ना हवे, बलुक चीनी लाल चाय के एगो आधुनिक शैली हवे, जे तीन गो बिचार सभ के एक साथ जोड़े ला: पारंपरिक बीज किसिम के प्रकार, पुरान पौधा आ श्रम-गहन सुई नियर आकृति दिहल। एकर खूबी — नरम मीठ स्वाद, गाढ़ शरीर आ रस के बढ़ियां टिकाऊपन — के निर्धारण बहुत हद तक मूल सामग्री के गुणवत्ता आ चाय के पत्ती सभ के सीधा करे के सफाई से होला, ना कि जोरदार नाँव से।

अइसन चाय के सोझ-बूझ के ध्यान से देखल बुद्धिमानी बा: महक, स्वाद, वापसी के मिठास आ चाय के तली के मूल्यांकन करे के चाहीं, आ “पुरान किसिम” आ “पुरान पेड़” के वादा सभ के आलोचनात्मक रूप से परखे के चाहीं, उत्पादक के परतिष्ठा आ उत्पत्ती के पारदर्शिता पर ध्यान देत। सही तरीका से पकावे आ उचित भंडारण पर, ई प्रीमियम गोंगफू-लाल चाय के एगो बढ़ियां प्रतिनिधि हवे, जे खास तौर पर पुश्तैनी कच्चा माल आ अभिव्यंजक आकृति के संयोग से दिलचस्प बा।

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