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měng kù gǔ huā chá

měng kù gǔ huā chá · 勐库谷花茶

मेंगकु गुहुआ चा (勐库谷花茶, Měngkù gǔhuā chá) — इ दक्खिन-पच्छिम युन्नान प्रांत के मेंगकु परबत श्रेणी में तूड़ल गइल पुएर (शेंग-पुएर) खातिर पतझड़ के कच्चा माल हवे। नाँव दू हिस्सा से मिल के बनल बा: जगह के ना

मेंगकु गुहुआ चा (勐库谷花茶, Měngkù gǔhuā chá) — इ दक्खिन-पच्छिम युन्नान प्रांत के मेंगकु परबत श्रेणी में तूड़ल गइल पुएर (शेंग-पुएर) खातिर पतझड़ के कच्चा माल हवे। नाँव दू हिस्सा से मिल के बनल बा: जगह के नाँव मेंगकु (勐库, Měngkù) — लिनचांग जिला के शुआंगजियांग काउंटी के सभसे सम्मानित चाय उत्पादक इलाका सभ में से एक, आ गुहुआ (谷花, gǔhuā) शब्द, जेकर शाब्दिक अरथ “अनाज के फूल” होला, जेकर इस्तेमाल युन्नान में पतझड़ के तुड़ाई खातिर कइल जाला, ई पहाड़ी खेतन में धान के बालि आ फूल खिलले के समय होला। युन्नान के फसल क्रम में पतझड़ के चाय बसंत के बाद दुसरा अस्थान पर आवे ले, गरमी के “बरखा के” तुड़ाई से सुगंध आ स्वाद के शुद्धता में बेहतर होले। मेंगकु अपना बड़-पत्ता चाय के झाड़ी (勐库大叶种, Měngkù dàyèzhǒng) खातिर जानल जाला, जेकरा राष्ट्रीय स्तर पर सुधारल किसिम मानल गइल बा, आ बिंगदाओ (冰岛, Bīngdǎo) नियर परसिद्ध गाँव खातिर जानल जाला। एह इलाका के गुहुआ के दू बसंत सीजन के बीचा में मेंगकु के टेरुआर के अनुभव करे के एगो बाजिब दाम के तरीका के रूप में सराहल जाला।


1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: पतझड़ के हरियर (बे-पुरान) पुएर — शेंग-पुएर (生茶, shēngchá); तकनीक अनुसार — धूप में सुखावल कच्चा माल माओचा (晒青毛茶, shàiqīng máochá)।
  • श्रेणी: पुएर (普洱茶, pǔ’ěr chá).
  • उत्पत्ति: मेंगकु पहाड़, मेंगकु कस्बा, शुआंगजियांग-लाहु-वा-बुलांग-दाई स्वायत्त काउंटी (双江拉祜族佤族布朗族傣族自治县, Shuāngjiāng Lāhùzú Wǎzú Bùlǎngzú Dǎizú Zìzhìxiàn), लिनचांग जिला (临沧, Líncāng), युन्नान प्रांत (云南, Yúnnán)।
  • चाय के झाड़ी के किसिम: मेंगकु के बड़-पत्ता किसिम (勐库大叶种, Měngkù dàyèzhǒng)।
  • तुड़ाई के सीजन: पतझड़, मोटामोटी सौर अवधि बाइलू (白露, báilù, सितंबर के सुरुआत) से शुआंगजियांग (霜降, shuāngjiàng, अक्टूबर के अंत) ले।

“गुहुआ” शब्द चाय के झाड़ी के किसिम के ना, बलुक तुड़ाई के सीजन के बतावे ला। युन्नान में पतझड़ के चाय के बसंत के चाय (春茶, chūnchá) आ गरमी के बरखा के चाय (雨水茶, yǔshuǐchá) से अलग मानल जाला। एकरा चलते “मेंगकु गुहुआ चा” कौनों अलग वानस्पतिक किसिम नइखे, बलुक कौनों खास भौगोलिक इलाका के पतझड़ के कच्चा माल के नाँव हवे।

लिनचांग जिला पुएर खातिर भौगोलिक संकेत मानक GB/T 22111-2008 के दायरा में आवे ला, एहसे इहाँ एही तकनीक से बनावल चाय के पुएर के रूप में चिन्हित कइल जा सकेला।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • किसिम के दर्जा: मेंगकु के बड़-पत्ता किसिम के 1984 में मंजूर चाय के राष्ट्रीय सुधारल किसिम सभ के पहिला समूह में सामिल कइल गइल।
  • इलाका के भूमिका: मेंगकु फेंगचिंग आ अउरी इलाका सभ के साथे लिनचांग के प्रमुख कच्चा माल क्षेत्र सभ में से एक हवे।

मेंगकु के ऐतिहासिक महत्व सभसे पहिले खुद चाय के झाड़ी से जुड़ल बा: इहाँ के बड़-पत्ता आबादी हाई-यील्ड बागान सभ के जनम दिहलस आ युन्नान के बड़-पत्ता चाय खातिर एगो नमूना बन गइल। 20वीं सदी के अंत से 21वीं सदी के सुरुआत ले पुएर में रुचि बढ़ला के साथे, मेंगकु के कुछ गाँव, सभसे पहिले बिंगदाओ, के पूरा देस में परसिद्धी मिलल आ ओह लोग के बसंत के कच्चा माल के दाम रिकार्ड स्तर पर पहुँच गइल।

“गुहुआ” के अवधारणा पहाड़ी लोग — लाहु, वा, बुलांग आ दाई लोग — के किसानी खेती के कैलेंडर के देखावेले। पतझड़ के चाय तब तूड़ल जाला जब घाटी आ सीढ़ीदार खेतन में धान फूलत आ पाकत रहे; एही से “अनाज के फूल के चाय” इ नाँव पड़ल। पतझड़ के तुड़ाई के पारंपरिक रूप से बसंत के बाद महत्व में दुसरा मानल जात रहे आ इ चाय बगीचा सभ के सालाना आमदनी के एगो महत्वपूर्ण हिस्सा रहे।

3. वानस्पतिक बिबरन आ कच्चा माल:

  • प्रजाति: असमिया किसिम के चीनी चाय (Camellia sinensis var. assamica), चीनी परंपरा में — बड़-पत्ता प्रकार (大叶种, dàyèzhǒng)।
  • पौधा के रूप: झाड़ीदार बागान से लेके पेड़ नियर रूप (乔木, qiáomù) वाला फेड़ तक; जवान बागान आ पुरान फेड़ दुनों मिले लें।
  • पत्ता: बड़का, अंडाकार, साफ नस आ कली पर साफ रोआँ वाला; निकासशील पदार्थ से भरपूर।
  • कच्चा माल के श्रेणी: सीढ़ीदार खेत से बागान वाला (台地茶, táidì chá), ऊँच फेड़ से आ पुरान-फेड़ वाला (古树茶, gǔshù chá)।

बरखा के सीजन के बाद पतझड़ के पत्ता बसंत जइसन रसदार आ “भरल” ना लागेला, बाकिर एकरा चलते अधिका सूखल आ धूप वाला मौसम में सुगंधित यौगिक जमा करे में सफल होला। गुहुआ खातिर अपेक्षाकृत एक समान, मजबूत फ्लेश बिसेसता होला; आम तुड़ाई एक कली के साथे एक या दू गो पत्ता के होला।

4. टेरुआर आ खेती के बिसेसता:

  • धरातल: पहाड़ी, पूरबी आधा ढाल (东半山, dōngbànshān) आ पच्छिमी आधा ढाल (西半山, xībànshān) में बँटल बा, जेकरा नानमेंग नदी (南勐河, Nánměng hé) अलग करे ले।
  • ऊँचाई: चाय बगीचा मुख्य रूप से समुंद्र तल से लगभग 1000 से 2000 मीटर से ढेर के ऊँचाई के दायरा में बाड़ें; एकरे ऊपर जंगली पुरान चाय समुदाय बाड़ें।
  • जंगली पुरान फेड़: बांगमा-डाशुएशान पुंजक (邦马大雪山, Bāngmǎ Dàxuěshān) पर बहुत ऊँचाई पर जंगली बड़-पत्ता चाय के एगो अवशेष जंगल बचल बा — ई इलाका के एगो परसिद्ध प्राकृतिक बिसेसता हवे।
  • जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी, सूखल आ गीला सीजन में साफ बँटवारा, दिन-रात के तापमान में काफ़ी अंतर आ बार-बार कोहरा के साथे।

मेंगकु के अकसर दूनों आधा ढाल सभ के “अठारह गाँव” के माध्यम से बरनन कइल जाला; पच्छिमी ढाल के सभसे ढेर कदर वाला कच्चा माल के स्रोत मानल जाला (एह में बिंगदाओ भी सामिल बा)। बरखा कम होखले के बाद पतझड़ के तुड़ाई होला: सूखल हवा आ बरखा में कमी अधिका सुगंध बनावे में मदद करे ला, जबकि बसंत में अरक के गाढ़ापन आ “मोटाई” के कदर कइल जाला।

5. उत्पादन के तकनीक:

  • प्रसंस्करण के प्रकार: धूप में सुखावल माओचा (晒青毛茶) के उत्पादन — शेंग-पुएर खातिर मूल कच्चा माल।
  • प्रमुख अंतर: अंतिम रूप से धूप में सुखावल, ना कि भट्ठी में, जे बाद में पुरान होखे खातिर एंजाइम के क्षमता बचा के रखे ला।

संचालन के क्रम:

  • मुरझाई (萎凋, wěidiāo): ताजा पत्ता के नमी आ लचक कम करे खातिर मुरझावल।
  • हरियाली लगावल (杀青, shāqīng): कड़ाही में (या ड्रम में) मध्यम तापमान पर गरम कइल जाला ताकि एंजाइम के पूरा तरह से “मारे” बिना ऑक्सीकरण रोकल जा सके।
  • मरोड़ल (揉捻, róuniǎn): चाय के पत्ती के आकार दिहल आ बाद में निकास खातिर कोशिका सभ के आंशिक बिनास।
  • धूप में सुखाई (晒干, shàigān): स्थिर नमी तक धूप में सुखावल।

पावल माओचा के खुला चाय के रूप में बेचल जाला या फिर मानक वजन (अकसर 357 ग्राम) के चक्का (饼, bǐng), ईंटा आ “घोंसला” तुओचा में दाबल जाला। पतझड़ के कच्चा माल से पुरान होखे खातिर शेंग-पुएर आ, आगे गीला-गर्मी किण्वन (渥堆, wòduī) पर, शु-पुएर (熟茶, shúchá) दुनों बनावल जाला; हालाँकि “गुहुआ” नाँव से अकसर खासतौर पर शेंग के मतलब होला।

6. ऑर्गेनोलेप्टिक बिसेसता:

  • सूखल पत्ता: चानी के रंग के कली के साथे गहिरा हरियर, मजबूत एक समान चाय के पत्ती।
  • सुगंध: ऊँच, फूल-शहद, फल आ मीठ सुरुआत के साथे; पतझड़ के प्रोफाइल आमतौर पर गरमी के तुलना में ढेर सुगंधित होला।
  • अर्क: हल्का पीयर से सोना-पीयर, पारदर्शी।
  • स्वाद: मीठ, मध्यम कसैलापन के साथे; घूँट के बाद — लवटत मिठास (回甘, huígān) आ लार आवे (生津, shēngjīn)।
  • अरक के बॉडी: बसंत के तुड़ाई से हल्का आ “पातर”, बाकिर बरखा वाला से साफ आ ढेर सुगंधित।

बसंत के चाय के तुलना में गुहुआ आमतौर पर कम “घन” होला आ बहुत बेर धोवले पर टिकाऊपन में थोड़ा कम होला, बाकिर सुगंध के चमक आ कोमलता में जीत जाला। मेंगकु के बढ़ियाँ पतझड़ के कच्चा माल एरिया खातिर बिसेसता वाला, ध्यान देवे लायक बाकिर खरखर ना, कड़वाहट देखावे ला जे जल्दी मिठास में बदल जाला।

7. रासायनिक संरचना:

  • चाय पॉलीफिनोल (茶多酚, chá duōfēn): युन्नान के बड़-पत्ता कच्चा माल में ऊँच, मोटामोटी सूखा वजन के 30–36% के आसपास; कसैलापन आ रंग खातिर जिम्मेदार।
  • कैटेचिन: बड़-पत्ता किसिम सभ खातिर सामान्य ऊँच स्तर।
  • कैफीन (咖啡碱, kāfēijiǎn): मोटामोटी 3–5%।
  • एमिनो एसिड (थिएनिन सहित): आमतौर पर बसंत के तुड़ाई से कुछ कम।
  • निकासशील पदार्थ: ऊँच, जे देला भरपूर अरक।

दिहल गइल मान युन्नान के बड़-पत्ता कच्चा माल खातिर अनुमानित दायरा हवें; सटीक आँकड़ा खेत, ऊँचाई, पौधा के उमिर आ साल पर निर्भर करे लें। पतझड़ के तुड़ाई बसंत से कम एमिनो एसिड आ बिकसित सुगंधित यौगिक परिसर में अलग होले, जे एकर “ऊँच” सुगंध निर्धारित करे ला।

8. फायदेमंद गुण:

  • स्फूर्तिदायक परभाव: कैफीन आ पॉलीफिनोल के साथे एकर संयोजन के कारन।
  • एंटीऑक्सीडेंट क्षमता: कैटेचिन आ अउरी पॉलीफिनोल से जोड़ल जाला।
  • खाना के बाद हल्कापन के एहसास: पारंपरिक रूप से पुएर के चिकनाई आ भारी खाना के साथे पियल जाला।

फायदा के दावा पर संयम बरते के चाहीं: चाय दवाई ना हवे, आ एकर परभाव पर खोज जारी बा बाकिर चिकित्सकीय वादा करे के आधार ना देले। बे-पुरान शेंग-पुएर परभाव में काफी सक्रिय होला, एहसे कैफीन आ कसैला पेय पदार्थ के परति संवेदनशील लोग एकरा संयम से आ खाली पेट ना पिये।

9. चाय बनावल:

  • बरतन: गाइवान या यिक्सिंग के चायदानी; जवान शेंग खातिर चीनी माटी के गाइवान सुगंध खातिर बढ़िया से खुल जाले।
  • अनुपात: धोवे पर 100–120 मिली पानी में लगभग 7–8 ग्राम।
  • तापमान: बड़-पत्ता शेंग खातिर गरम पानी 90–100°C उपयुक्त बा; बहुत जवान आ नाजुक कच्चा माल खातिर कड़वाहट कम करे खातिर निचला सीमा लिहल जा सकेला।
  • धुलाई: पत्ता के “जगावे” खातिर एक ठो तेज धुलाई (कुछ सेकंड, पानी फेंक दिहल जाव)।
  • धोवाई: पहिला अरक छोट, 5–10 सेकंड, एकरे बाद धीरे-धीरे समय बढ़ावल जाला; 8–12 या ढेर धुलाई झेल सकेला।

रोज पिये खातिर “दादा के तरीका” भी अपनावल जा सकेला — सीधे बड़का कप या थरमस में पानी भर के थोड़ा मात्रा में चाय बनावल, हालाँकि धोवे के तरीका सुगंध आ मिठास के गतिशीलता के ढेर पूरा तरीका से खोलेला। जवान गुहुआ-शेंग के ढेर देर ना रखल जाव: बहुत देर निकास पर कड़वाहट आ कसैलापन बढ़ जाला।

10. भंडारण:

  • दसा: सूखल, साफ, हवादार जगह बिना बाहरी गंध के; सीधा रोशनी से सुरक्षा।
  • नमी आ तापमान: मध्यम आ स्थिर; नमी आ तेज उतार-चढ़ाव से बचे के चाहीं।
  • पैकिंग: पारंपरिक रूप से कागज आ बाँस के लपेटन; जरूरी बा कि मसाला, सौंदर्य प्रसाधन आ घरेलू रसायन के लगे ना रखल जाव।

शेंग-पुएर, जेह में मेंगकु के पतझड़ के कच्चा माल सामिल बा, लंबा समय के प्राकृतिक पुरान होखे खातिर बनल बा, एकरे दौरान कसैलापन नरम पड़ जाला आ सुगंध गहिर हो जाला। चक्का आ खुला चाय के भंडारण करत घरी हवा के पहुँच दिहल जाला, बाकिर ड्राफ्ट ना। पतझड़ के चाय के अकसर दाबे खातिर मिश्रण के हिस्सा के रूप में, आ बहु-बरिस पुरान होखे खातिर आत्मनिर्भर सामग्री के रूप में इस्तेमाल कइल जाला।

11. दाम आ नकली सामान:

  • दाम के दायरा: बहुत बिस्तृत — सस्ता बागान वाला गुहुआ से लेके परसिद्ध गाँव सभ के पुरान फेड़ से महँगा पतझड़ के कच्चा माल ले।
  • सामान्य नियमितता: एकही खेत से पतझड़ के तुड़ाई आमतौर पर बसंत से सस्ता होला, आ गरमी के (बरखा के) — पतझड़ से सस्ता।
  • जोखिम के क्षेत्र: बिंगदाओ आ मेंगकु के अउरी परसिद्ध गाँव सभ के नाँव लेबलिंग में बहुत ढेर इस्तेमाल होला।

बेईमान बिक्रेता लोग के सामान्य हथकंडा: गरमी के बरखा के चाय के पतझड़ के गुहुआ बता के बेचल; लिनचांग के अउरी इलाका सभ या युन्नान के अउरी हिस्सा सभ के कच्चा माल के मेंगकु के नाँव से बेचल; बागान के चाय के पुरान-फेड़ वाला बतावल; उत्पत्ति के बास्तविक पुष्टि के बिना मनमाना “冰岛” आ “古树” लिखल।

कइसे नेविगेट करीं:

  • दाम पर सामान्य ज्ञान: बहुत सस्ता दाम पर “पुरान-फेड़ बिंगदाओ” के पेशकश लगभग निश्चित रूप से दावा के अनुरूप ना होला।
  • स्वाद आ सुगंध: गुणवत्ता वाला पतझड़ के चाय सुगंधित, मीठ होला आ साफ बाद-स्वाद देला; “खाली”, पनियायल आ सपाट अरक गरमी के तुड़ाई खातिर ढेर बिसेसता होला।
  • खुलल पत्ता: फ्लेश सभ के एकरूपता, साबुतपन आ लचक के जाँचल जाला।
  • स्रोत: ओह बिक्रेता लोग के पराथमिकता दिहल जाव जे सीजन, इलाका आ कच्चा माल के प्रकार ईमानदारी से बतावे खातिर तइयार होखें।

12. रोचक तथ्य:

  • धान से नाँव: “गुहुआ” चाय के कैलेंडर के सीधे धान के कैलेंडर से जोड़े ला — पतझड़ के तुड़ाई अनाज के फूल खिलले आ पाके के साथे मेल खाला।
  • दू गो ढाल: पूरबी आ पच्छिमी आधा ढाल सभ में मेंगकु के बिभाजन स्थानीय चाय उत्पादक लोग के भाषा में कच्चा माल के शैली के बरनन करे खातिर एगो स्थायी हिस्सा बन गइल बा।
  • नमूना झाड़ी: मेंगकु के बड़-पत्ता किसिम के युन्नान के बड़-पत्ता चाय खातिर नमूना किसिम सभ में से एक मानल जाला आ इलाका से बाहर बहुत परचलित भइल बा।
  • अवशेष जंगल: बांगमा-डाशुएशान पर जंगली चाय के ऊँच-पहाड़ी समुदाय सभ के शुआंगजियांग के प्राकृतिक आकर्षण सभ में गिनल जाला।

निश्कर्ष में:

मेंगकु गुहुआ चा कौनों अलग वानस्पतिक किसिम ना हवे, बलुक परसिद्ध लिनचांग टेरुआर के पतझड़ के रूप हवे: बड़-पत्ता वाला धूप में सुखावल कच्चा माल, अनाज के फूल खिलले के समय तूड़ल गइल आ गुणवत्ता में भरपूर बसंत आ कमजोर बरखा वाला गरमी के बीचा में खड़ा होला। एकर ताकत पक्ष हवें — साफ सुगंध, शुद्ध मिठास आ बाजिब दाम, जेकरा चलते परसिद्ध गाँव सभ के बसंत के रिकार्ड दाम चुकाए बिना मेंगकु के शैली से परिचय कइल जा सकेला।

खरीदत घरी रैपर पर जोरदार नाँव के बजाय ईमानदारी से बतावल सीजन, इलाका आ कच्चा माल के प्रकार पर आ अरक के आपन अनुभव पर ध्यान देवल ढेर बुद्धिमानी बा। सही तरीका से सुखावल आ बढ़ियाँ से रखल गुहुआ-शेंग जवान रूप में भी बढ़िया बा आ बहु-बरिस पुरान होखे के सामग्री के रूप में भी, जे लिनचांग के पुएर सभ के अध्ययन करे वाला लोग खातिर एकरा एगो बेवहारिक विकल्प बनावे ला।

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