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yún nán hóng chá

yún nán hóng chá · 云南红茶

युन्नानी लाल चाय (云南红茶, Yúnnán hóngchá), जेकरा छोट नाँव दियान होंग (滇红, Diān hóng) से ढेर जानल जाला, ई दक्खिन-पच्छिम चीन के युन्नान प्रांत में बने वाली लाल चाय सभ के एगो समूह ह। चीनी वर्गीकरण में ई ला

युन्नानी लाल चाय (云南红茶, Yúnnán hóngchá), जेकरा छोट नाँव दियान होंग (滇红, Diān hóng) से ढेर जानल जाला, ई दक्खिन-पच्छिम चीन के युन्नान प्रांत में बने वाली लाल चाय सभ के एगो समूह ह। चीनी वर्गीकरण में ई लाल चाय (红茶, hóngchá) में आवे ले, जेकरा पच्छिमी परंपरा में “करिया” (ब्लैक) कहल जाला। दियान होंग एगो तुलनात्मक रूप से नया चाय ह, जे 1930 के दशक के अंत में बनावल गइल, बाकिर कुछे दशकन में ई बिस्व बजार में सभसे ढेर चिन्हल जाए वाली चीनी लाल चाय सभ में से एक बन गइल। एकर बिसेसता ह: आसामी किसिम के बड़हन पत्ती, सोनहरा टिप्स के भरमार, आ मधुर स्वाद जेह में शहद आ माल्ट के सुरताल बा। “पुरान किसिम” (老品种, lǎo pǐnzhǒng) शब्द के मतलब ह कि एह में झाड़ियन के परंपरागत बिआ वाली आबादी के इस्तेमाल भइल बा, न कि आधुनिक क्लोन किसिम के।


1. बर्गीकरण आ उतपत्ती:

  • प्रकार: लाल चाय (红茶, hóngchá), पूरा तरीका से फर्मेंटेड (ऑक्सीडाइज्ड)।
  • चीनी नाँव: दियान होंग (滇红, Diān hóng); मूल्यसूची में “पुरान किसिम के युन्नानी लाल चाय” (云南老品种红茶, Yúnnán lǎo pǐnzhǒng hóngchá)।
  • उतपत्ती: युन्नान प्रांत (云南, Yúnnán), दक्खिन-पच्छिम चीन; इतिहासी जनमभूमि: फेंगछिंग काउंटी (凤庆县, Fèngqìng xiàn), लिंचांग शहरी जिला (临沧, Líncāng)।
  • मुख्य परबतिया: लिंचांग (临沧, Líncāng), पु’अर (普洱, Pǔ’ěr), बाओशान (保山, Bǎoshān), देहोंग (德宏, Déhóng), शीश्वांगबान्ना (西双版纳, Xīshuāngbǎnnà)।
  • झाड़ी के किसिम: युन्नानी बड़हन-पत्ती किसिम (云南大叶种, Yúnnán dàyèzhǒng), बनस्पति बिज्ञान में Camellia sinensis var. assamica।

दियान होंग के कच्चा माल के प्रकार आ प्रोसेसिंग के हिसाब से कई गो श्रेणी में बाँटल जाला। मुख्य श्रेणी ह: पूरा लपेटल पत्ती वाला गोंगफू (滇红工夫, Diān hóng gōngfu) आ कटल चाय (滇红碎茶, Diān hóng suì chá), जे CTC जइसन तकनीक से बने ले आ खासतौर पर टी बैग आ मिलावट में जाला। अलग से, कलियन वाली किसिम भी बा जेह में सोनहरा रोवाँ के भरमार होला: “सोनहरा सुई” (金针, jīn zhēn), “सोनहरा कली” (金芽, jīn yá), आ “सोनहरा धागा” (金丝, jīn sī)।

पत्ती वाली गोंगफू चाय के औद्योगिक उतपादन राज्य मानक गोंगफू चाय GB/T 13738.2 “工夫红茶” (gōngfu hóngchá) से नियंत्रित होला; कटल चाय ओही सीरीज के संबंधित हिस्सा (GB/T 13738.1) के तहत आवे ले। युन्नानी लाल चाय खातिर युन्नान प्रांत के क्षेत्रीय मानक भी लागू होलें।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • बनावे के साल: 1938–1939।
  • रचनाकार: फेंग शाओचिउ (冯绍裘, Féng Shàoqiú), टेक्नोलॉजिस्ट-बिसेसग्य।
  • जनम-जगह: शुन्निंग (顺宁, Shùnníng), फेंगछिंग काउंटी के पुरान (1954 से पहिले) नाँव।

1930 के दशक के अंत में, जब जापानी आक्रमण के कारन पूरबी चीन के परंपरागत चाय उतपादन क्षेत्र कट गइलें, चीनी चाय कंपनी (中国茶叶公司, Zhōngguó cháyè gōngsī) निर्यात खातिर नया जगह खोजत रहे। 1938 में, फेंग शाओचिउ युन्नान भेजल गइल, जहाँ उ स्थानीय बड़हन पत्ती वाला कच्चा माल से लाल चाय के पहिला प्रायोगिक जत्था बनवलें। “दियान होंग” नाँव युन्नान के पुरान छोट नाँव “दियान” (滇, Diān) आ “लाल” (红, hóng) शब्द से मिल के बनल बा। पहिला जत्था हांगकांग के रास्ते लंदन निर्यात भइल आ जल्दिये यूरोपीय बजार में नाँव कमा लिहलस।

  • सांस्कृतिक महत्व: युन्नानी चाय निर्यात के चीन्हा; फेंगछिंग के अनौपचारिक पदबी “दियान होंग के घर” (滇红之乡, Diān hóng zhī xiāng) बा।
  • भौगोलिक संकेत: “फेंगछिंग दियान होंग” (凤庆滇红茶, Fèngqìng Diān hóng chá) भौगोलिक संकेत उतपाद के रूप में संरक्षित बा।

3. बनस्पति बिबरन आ कच्चा माल:

  • किसिम: Camellia sinensis var. assamica, युन्नानी बड़हन-पत्ती किसिम (云南大叶种, Yúnnán dàyèzhǒng)।
  • स्थानीय आबादी आ किसिम सभ: फेंगछिंग बड़हन पत्ती (凤庆大叶种, Fèngqìng dàyèzhǒng), मेंगकू बड़हन पत्ती (勐库大叶种, Měngkù dàyèzhǒng), मेंगहाई बड़हन पत्ती (勐海大叶种, Měnghǎi dàyèzhǒng)।
  • “पुरान किसिम”: परंपरागत बिआ वाली आबादी (群体种, qúntǐzhǒng), जेह में पुरान पेड़न से मिलल किसिम भी सामिल बा।

युन्नानी बड़हन-पत्ती किसिम के बिसेसता ह: बड़हन-मांसल पत्ती, पॉलिफेनॉल के ऊँच मात्रा, आ कलियन पर ढेर सोनहर-चाँदी नियर रोवाँ। “पुरान किसिम” शब्द बिआ वाली आबादी वाला बागान के आधुनिक क्लोन (वनस्पति तरीका से उगावल) किसिम (无性系, wúxìngxì) से अलग बतावे ला: बिआ वाला झाड़ियन के अनुवांशिक बिबिधता अउरी जटिल, कई-परत वाला स्वाद देले, हालाँकि फसल में एकरूपता कम होला। बढ़ियाँ दियान होंग खातिर कच्चा माल खासतौर पर बसंत में बटोरल जाला; एक-दू गो पत्ती के साथे कली वाला फ्लेश सभ के कीमत बेसी होला।

4. इलाका (टेरुआर) आ उगावे के बिसेसता:

  • भूभाग: समुंद्र तल से करीब 1000 से 2000 मीटर आ एकरे ऊपर के ऊँचाई वाला पहाड़ी इलाका।
  • जलवायु: उपउष्णकटिबंधीय मानसूनी, गरम आ नम, सूखा आ बरखा के मौसम साफ-साफ अलग होला।
  • माटी: लाल माटी आ लैटेराइट, लोहा से भरपूर।
  • मुख्य काउंटी: फेंगछिंग (凤庆, Fèngqìng), युनशियान (云县, Yúnxiàn), श्वांगजियांग (双江, Shuāngjiāng), मेंगकू (勐库, Měngkù)।

युन्नान निचला अक्षांश पर बसल बा, बाकिर ऊँचाई बेसी होखे के कारन दिन-रात के तापमान में बड़हन अंतर होला, जे पत्ती में सुगंधित पदार्थन के जमाव में मदद करे ला। कई गो बगीचा लांचांग नदी (澜沧江, Láncāngjiāng) के बेसिन में बसल बाड़ें, जे मीकांग नदी के ऊपरी हिस्सा ह। फेंगछिंग काउंटी (करीब 24.6° नार्दर्न अक्षांश आ 99.9° ईस्टर्न देशांतर) दियान होंग खातिर आदर्श इलाका मानल जाला।

5. उतपादन के तकनीक:

  • मुरझवाई (萎凋, wěidiāo): ताजा पत्ती से कुछ नमी निकल जाला आ ई लचकदार हो जाला।
  • लपेटाई (揉捻, róuniǎn): कोशिका के देवाल टूट जाले, रस निकले ला, ऑक्सीकरण सुरु हो जाला।
  • फर्मेंटेशन (发酵, fājiào): असल में ई गरम आ नम वातावरण में एंजाइमी ऑक्सीकरण ह, जे लाल रंग के काढ़ा आ बिसेस सुगंध बनावे ला।
  • सुखवाई (干燥, gānzào): आमतौर पर गरम हवा से; ऑक्सीकरण रोक के स्वाद के पक्का करे ला।

पत्ती वाला गोंगफू खातिर हल्का लपेटाई कइल जाला, जेह से पूरा फ्लेश आ सोनहरा टिप्स सुरक्षित रहे ला। कटल चाय खातिर पत्ती के बारीक काटल जाला, जेकरा से फर्मेंटेशन तेज हो जाला आ मजबूत, जल्दी घुलल काढ़ा मिले ला। फर्मेंटेशन के तापमान आ समय के बारीकी से सेट करे पर तइयार चाय के मिठास, बॉडी, आ कसैलापन के संतुलन तय होला।

6. सुगंध-स्वाद के बिसेसता (ऑर्गेनोलेप्टिक):

  • सूखल पत्ती: लपेटल, घन, लाली-भूरा रंग के पत्ती, अकसर ढेर सोनहरा टिप्स (金毫, jīn háo) के साथे।
  • काढ़ा: पारदर्शी, लाल-संतरी, पियाला के किनारे सोनहरा घेरा के साथे।
  • सुगंध: शहद आ माल्ट के, सूखा फल (लोंगान), कबो-कबो फूल या कोको के सुरताल के साथे।
  • स्वाद: भरपूर, मीठ-मीठ, नरम, संयमित कसैलापन आ लंबा बाद-स्वाद वाला।
  • खउरल पत्ती (叶底, yèdǐ): ताँबा-लाल, नरम, एकसमान।

पुरान बिआ वाली किसिम के चाय, खासतौर पर पुरान पेड़न से, काढ़ा में ढेर घनापन, खनिज गहिराई आ कई परत वाला स्वाद देले, जबकि नया क्लोन किसिम सीधा-सादा मीठ स्वाद देली स।

7. रासायनिक संरचना:

  • पॉलिफेनॉल आ कैटेचिन: ताजा बड़हन-पत्ती कच्चा माल में इनकर मात्रा ऊँच होला आ 30% या एकरे से बेसी ले पहुँच सके ला।
  • थियाफ्लेविन (茶黄素, chá huáng sù): काढ़ा के चमक आ “जिंदादिली” खातिर जिम्मेदार।
  • थियारूबिगिन (茶红素, chá hóng sù): लाल रंग आ भरपूर बॉडी बनावे ला।
  • थियाब्राउनिन (茶褐素, chá hè sù): रंग के गहिराई देला।
  • कैफीन (咖啡碱, kāfēijiǎn): मात्रा ढेर होला, आमतौर पर छोट-पत्ती किसिम से बेसी।
  • एमिनो एसिड, जेह में थियानिन (茶氨酸, chá’ānsuān): मिठास आ नरमी बनावे में सहायक।

ऑक्सीकरण के दौरान बड़हन-पत्ती कच्चा माल के पॉलिफेनॉल थियाफ्लेविन, थियारूबिगिन, आ थियाब्राउनिन में बदल जालें; इनकर ऊँच मात्रा युन्नानी लाल चाय के भरपूर रंग आ घनापन के ब्याख्या करे ला। सटीक आँकड़ा झाड़ी के किसिम, मौसम आ तकनीक पर निर्भर करे लें, एह से इनका के अनुमानित मानल जाए के चाहीं।

8. फायदेमंद गुन:

  • गरमाहट के परभाव: चीनी परंपरा में लाल चाय के “गरम” (温, wēn) मानल जाला, जे ठंढा मौसम खातिर उपयुक्त बा।
  • पाचन: पाचन में सहायक, तेलियार खाना के साथे बढ़ियाँ बइठे ला।
  • एंटीऑक्सीडेंट: थियाफ्लेविन आ अउरी पॉलिफेनॉल में एंटीऑक्सीडेंट सक्रियता होला।
  • स्फूर्ति: कैफीन हल्का टॉनिक परभाव देला।

दिहल गइल गुन पारंपरिक चीनी चिकित्सा के बिचार आ चाय पर सामान्य शोध के आँकड़ा देखावे ला, ई चिकित्सकीय सलाह ना ह। हरियर चाय के तुलना में, पॉलिफेनॉल के ऑक्सीकरण के कारन लाल चाय आमतौर पर पेट पर हल्का परभाव डाले ला।

9. बनावे के तरीका:

  • बर्तन: 100–150 मिली के गइवान या छोट चायदानी (चीनी माटी के, कबो-कबो इशिंग माटी)।
  • अनुपात: गोंगफू स्टाइल से बार-बार बनावे खातिर करीब 4–5 ग्राम प्रति 100 मिली; सादा बनावे खातिर 3–4 ग्राम प्रति 300 मिली।
  • तापमान: 90–95 °C। बेसी गरम उबलत पानी कसैलापन बढ़ा के मिठास कम कर देला, एह से पानी के थोड़ा ठंढा होखे दीं।
  • बार-बार बनावाई: पहिली छोट धुलाई से पत्ती धो लीं, फिर छोट-छोट समय खातिर बनाईं (पहिला बनावाई 5–10 सेकेंड, बाद में बढ़ावत जाईं)। बढ़ियाँ पत्ती वाला दियान होंग 6–10 बनावाई तक चले ला।

कलियन वाली किसिम (“सोनहरा सुई”, “सोनहरा कली”) पतली आ नाजुक होले: बेसी कसैलापन से बचे खातिर इनका खातिर कम तापमान आ छोट समय के बनावाई चुनीं। कटल (CTC) चाय के एक्के बेर में कड़ा बना के पीयल जाला।

10. भंडारण:

  • समय: लाल चाय ताजा, 1–2 साल के भीतरे पीयल जाए के चाहीं; ई पु’अर नियन सालन-साल रखे खातिर ना बनल बा।
  • स्थिति: हवाबंद, रोशनी से बचावे वाला पैकिंग, रोशनी, नमी, गरमी आ बाहरी गंध से दूर।
  • डिब्बा: टीन के डिब्बा, फॉइल वाला थैला; मसाला आ कॉफी के लगे ना रखीं।

पु’अर से उल्टा, लाल चाय बरसन पुरान होखे पर बेहतर ना होले: समय के साथे ताजा शहद के सुरताल खतम हो जाला। फिर भी, बढ़ियाँ से सुखावल दियान होंग सही भंडारण में दू-तीन साल ले अपना गुन बनवले रहे ला।

11. कीमत आ नकली माल:

  • कीमत के दायरा: बहुत बिस्तार वाला। बड़हन पैमाना पर बने वाला कटल चाय सस्ता होला; बीच-दरजा के पत्ती वाला गोंगफू दाम मध्यम होला; कलियन वाली किसिम आ पुरान बिआ वाला बगीचा आ पुरान पेड़न के चाय साफ महँग होला।
  • कीमत के कारक: कच्चा माल के प्रकार आ झाड़ी के किसिम, मौसम (बसंत के कीमत बेसी), कली आ सोनहरा टिप्स के हिस्सा, इलाका आ पेड़न के उमिर।

धोखा के मुख्य तरीका ह: सोनहरा टिप्स के भरमार आ चमकीला काढ़ा देखावे खातिर रंगाई, सस्ता कटल या बे-मौसम कच्चा माल के प्रीमियम बता के बेचल, आ “पुरान पेड़” (古树, gǔshù) या “पुरान किसिम” के बढ़ा-चढ़ा के दावा।

नकली पहिचाने खातिर कुछ बात पर धियान दीं। असली टिप्स के रंग नरम सोनहरा-पीयर होला आ हाथ ना रंगे ला; अगर सूखल पत्ती के सफेद कागज पर रगड़े पर रंग छूटे तब ई चेतावनी के संकेत ह। बढ़ियाँ चाय के काढ़ा पारदर्शी होला, धुंधला ना; खउरल पत्ती एकसमान, ताँबा-लाल आ लचकदार होला। स्वाद में असली दियान होंग साफ आ मीठ होला, बिना रासायनिक कड़वाहट आ बाहरी गंध के। सूखल पत्ती आ काढ़ा के बेसी चमकीला, “नियॉन” रंग अकसर गुनवत्ता के बजाय छेड़छाड़ के ओर इशारा करे ला।

12. मजेदार तथ्य:

  • “दियान” नाँव: छोट नाँव “滇” (Diān) प्राचीन दियान राज्य आ वर्तमान कुनमिंग के लगे एही नाँव के झील से आइल बा; समय के साथे इ अच्छर पूरा युन्नान खातिर इस्तेमाल होखे लागल।
  • नया जानल-मानल चाय: कई गो पुरान चीनी चाय सभ के बिपरीत, दियान होंग के उमिर सदी भर से कम बा।
  • पु’अर से साझा कच्चा माल: लाल दियान होंग आ मशहूर पु’अर एक्के बड़हन-पत्ती किसिम से, बाकिर अलग-अलग तकनीक से बने ला।
  • निर्यात के बिरासत: बनावे के समय से दियान होंग बिदेसी बजार खातिर बनल आ आजुओ बिस्व ब्यापार में बड़हन पैमाना पर मौजूद बा।

आखिर में:

युन्नानी लाल चाय 20वीं सदी में जनमल परंपरा के अइसन बिरल उदाहरण ह जे क्लासिक बने में सफल रहल। आसामी बड़हन-पत्ती किसिम, युन्नान के ऊँच-पहाड़ी इलाका, आ पूरा ऑक्सीकरण के तकनीक के मेल से अइसन चाय मिले ला जेकर पहिचाने लायक शहद-माल्ट चरित्र, घन बॉडी, आ चमकीला लाल-संतरी रंग के पियाला होला। “पुरान किसिम” शब्द बिआ वाली आबादी वाला बागान के चुनाव पर जोर देला, जेकरा से स्वाद में जटिलता आ गहिराई आवे ला।

चीनी लाल चाय से परिचय करे वाला लोग खातिर, दियान होंग एगो साफ-सुथरा आ बढ़ियाँ सुरुआत ह: ई बनावे में छोट-मोट गलती माफ कर देला, गइवान आ सादा चायदानी दुन्नो में निखर जाला, आ खाना के साथे नीमन बइठे ला। कच्चा माल के किसिम, मौसम, आ बेचे वाला के ईमानदारी पर धियान दिहल जाए तब बजार में आम नकली माल आ बिपणन के अतिशयोक्ति से बचत सही मायने में बढ़ियाँ चाय मिल सके ला।

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