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tóng mù guān hóng chá

tóng mù guān hóng chá · 桐木关红茶

तुनमुगुआन के लाल चाय (桐木关红茶, Tóngmù Guān hóngchá) लाल (पच्छिमी शब्दावली में करिया) चाय सभ के एगो समूहवाचक नाँव ह, जे तुनमु गाँव आ तुनमुगुआन पहाड़ी दर्रा के आसपास, उत्तरी फ़ुजियान प्रांत के उयीशान प्रा

तुनमुगुआन के लाल चाय (桐木关红茶, Tóngmù Guān hóngchá) लाल (पच्छिमी शब्दावली में करिया) चाय सभ के एगो समूहवाचक नाँव ह, जे तुनमु गाँव आ तुनमुगुआन पहाड़ी दर्रा के आसपास, उत्तरी फ़ुजियान प्रांत के उयीशान प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्र के ठीक बीचोबीच पैदा होखेला। इहे पहाड़ सभ के पूरा दुनिया के लाल चाय के ऐतिहासिक जनमभूमि मानल जाला: सोलहवीं-सत्रहवीं सदी के अंत में इहाँ झेंगशान श्याओझोंग (正山小种, Zhèngshān Xiǎozhǒng) अस्तित्व में आइल, आ 2005 में परसिद्ध कलिये वाला जिन जुन मेइ (金骏眉, Jīn Jùn Méi)। “एकल-कली” (单芽, dān yá) स्थिति एह इलाका के सबसे कोमल, पूरा तरीका से कलिये वाला शैली खातिर ह, जे जुनमेइ सभ से संबंधित बा। बड़ पैमाना के लाल चाय सभ से तुनमुगुआन के चाय सभ के अलग पहिचान ऊँच पहाड़ी उत्पत्ति, स्थानीय चाय के झाड़ी सभ के जंगली आ अधजंगली कच्चा माल आ इलाका के सख्त प्राकृतिक संरक्षण के स्थिति से होला, जे उत्पादन के मात्रा के सीमित करेला।


1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: लाल (पूरा तरीका से ऑक्सीकृत) चाय — 红茶 (hóngchá).
  • श्रेणी: क्षेत्रीय शैली, जे क्लासिक श्याओझोंग (小种, xiǎozhǒng) आ जुनमेइ (骏眉, jùnméi) परिवार के कलिये वाला चाय सभ के एकठ्ठा करेले; वर्तमान स्थिति — पूरा तरीका से एकल कली (单芽, dān yá) से बनल, माने श्रेणीकरण में सबसे ऊँच, “सोना” प्रकार।
  • उत्पत्ति: तुनमु गाँव (桐木村, Tóngmù Cūn) आ तुनमुगुआन दर्रा (桐木关), उयीशान शहर-स्तरीय काउंटी (武夷山市, Wǔyíshān Shì), नानपिन प्रशासनिक क्षेत्र (南平市, Nánpíng Shì), फ़ुजियान प्रांत (福建省, Fújiàn Shěng).
  • क्षेत्र: उयीशान राष्ट्रीय प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्र के केंद्र, लगभग 27°40′–27°50′ उ. अ. आ 117°30′–117°50′ पू. दे. के बीच, लगभग 700 से 1200 मीटर के ऊँचाई पर, कुछ हिस्सा अउरी ऊपर।
  • “असली पहाड़” के अवधारणा: 正山 (zhèngshān, “सच्चा पहाड़”) शब्द ऐतिहासिक रूप से तुनमु के केंद्र के चाय के 外山 (wàishān, “बाहरी पहाड़”) के बिपरीत बतावेला — आसपास के आ बाहरी इलाका सभ से नकल।

करीबी प्रकार सभ खातिर उद्योग मानक: GB/T 13738.3 “लाल चाय। भाग 3. श्याओझोंग लाल चाय” (小种红茶) आ जिन जुन मेइ खातिर राष्ट्रीय मानक GB/T 32720—2016 (金骏眉茶)। तुनमु के झेंगशान श्याओझोंग भौगोलिक संकेत वाला उत्पाद के रूप में संरक्षित बा।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • उत्पत्ति: परंपरा तुनमु में लाल चाय के आगमन के मिंग वंश के अंत — चिंग वंश के सुरुआत (लगभग सोलहवीं-सत्रहवीं सदी के अंत) में रखेले। सबसे परसिद्ध किंवदंती श्याओझोंग के जनम के चीड़ के धुआँ पर मजबूरी में तेजी से सुखावल चाय से जोड़ेले।
  • निर्यात आ “Bohea”: सत्रहवीं-अठारहवीं सदी में उयीशान के चाय यूरोप भेजल जात रहे; 武夷 नाँव स्थानीय उच्चारण में यूरोपीय शब्द “Bohea” दिहलस, आ धुआँदार श्याओझोंग (पच्छिमी परंपरा में — Lapsang Souchong) ब्रिटेन में जानल जाए वाला पहिला चीनी करिया चाय सभ में से एक बनल।
  • जुनमेइ के जनम: 2005 में तुनमु में जियांग युआनशुन (江元勋, Jiāng Yuánxūn) के अगुआई में कारीगर लोग, चाय पारखी लियांग जुंदे (梁骏德, Liáng Jùndé) के सहयोग से, जिन जुन मेइ बनवले — बिना धुआँदार कए सिरिफ कली से बनल लाल चाय। ई घटना असल में चीन में लाल चाय के घरेलू बजार के फेर से सुरू कइलस।
  • जुनमेइ के श्रेणीकरण: तीन-स्तरीय बेवस्था बनल — जिन जुन मेइ (金骏眉, सिरिफ कली), यिन जुन मेइ (银骏眉, Yín Jùn Méi, कली के साथ पत्ती) आ तोंग जुन मेइ / श्याओचीगान (铜骏眉/小赤甘, अउरी परिपक्व कच्चा माल)।

3. वानस्पतिक बिबरण आ कच्चा माल:

  • प्रजाति: Camellia sinensis var. sinensis — छोट-पत्ती वाला किसिम।
  • किसिम: स्थानीय बीज आबादी उयीशान चाइचा (武夷菜茶, Wǔyí cài chá) — क्लोन ना, बालुक आनुवंशिक रूप से बिबिध आबादी, बीज से प्रजनित; एही से सुगंध के प्राकृतिक जटिलता।
  • वर्तमान स्थिति खातिर कच्चा माल: बसंत के तुड़ाई के एकल नखिलल कली (单芽), भरपूर सुनहरा रोआँ (金毫, jīn háo) के साथ।
  • तुड़ाई के बिसेसता: ऊँचाई के कारण तुनमु में बनस्पति बिकास देर से होला, कली के तुड़ाई मुख्य रूप से देर बसंत में होला; 500 ग्राम तइयार एकल-कली चाय खातिर कई दस हजार कली लागेला, एही से ऊँच दाम तय होला।

पूरा तरीका से कलिये वाला पत्ती कम मोट रेशा आ ढेर घुलनशील निष्कर्षण पदार्थ देला, एही से अरक चिक्कन, साफ मिठास के साथ आ बिना तेज कसैलापन के होला।

4. टेरुआर आ खेती के बिसेसता:

  • भू-आकृति: पहाड़ी-घाटी वाला, खड़ा ढाल, गहिरा घाटी आ झरना के साथ; पुंज के सबसे ऊँच बिंदु — हुआंगगांग परबत (黄岗山, Huánggāng Shān, 2160.8 मी), पूरबी चीन के “छत के घोड़ा”।
  • जलवायु: ठंढा, नम, बार-बार कुहेसा आ बड़ा दैनिक तापमान अंतर के साथ; लमहर समय बादल से तोपाइल रहे से रोशनी फइल जाला आ अंकुर के बिकास धीमा हो जाला।
  • माटी: जैविक पदार्थ के मिलावट वाला क्षयित चट्टान, ढाल पर बढ़ियाँ जल निकासी।
  • पारिस्थितिकी: इलाका — सख्त प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्र (1999 से यूनेस्को के बिस्व धरोहर के दोहरा बस्तु: सांस्कृतिक आ प्राकृतिक)। आर्थिक गतिबिधि पर रोक न्यूनतम कृषि रसायन के इस्तेमाल आ अधजंगली बृक्षारोपण के संरक्षण में सहायक बा।

ऊँचाई, कुहेसा आ धीमा बिकास के संयोग कली सभ में सुगंधित पूर्वगामी आ अमीनो अम्ल के हिस्सा बढ़ा देला, आ इहे ओ पहिचान लायक “पहाड़ी” चरित्र (山场韵, shānchǎng yùn) बनावेला।

5. उत्पादन तकनीक:

एकल-कली बिना धुआँ वाला शैली (जिन जुन मेइ प्रकार) खातिर बिना चीड़ के धुआँदार करे के लाल चाय के मूल योजना लागू होला:

  • तुड़ाई (采摘, cǎizhāi): एकल कली सभ के चुनाव।
  • मुरझाई (萎凋, wēidiāo): नमी में कमी आ किण्वन प्रक्रिया के सुरुआत, घरेलू भा हल्का गरमी पर।
  • लपेटाई (揉捻, róuniǎn): आकार दिहल आ ऑक्सीकरण खातिर कोशिका देवाल के नष्ट कइल।
  • किण्वन-ऑक्सीकरण (发酵/渥红, fājiào / wòhóng): पत्ती ताँबा-लाल रंगत हासिल करेला, शहद आ फल के सुगंध बनेला।
  • सुखाई (干燥, gānzào): कोइला भा बिजली के सुखावे वाला में अंतिम सुखाई; चीड़ के धुआँ इस्तेमाल ना होला।

तुलना खातिर, क्लासिक धुआँदार झेंगशान श्याओझोंग अतिरिक्त रूप से “लाल कड़ाही” (过红锅, guò hóng guō) से गुजरेला — किण्वन रोके खातिर तेजी से भुनाई — आ सिंगलो (青楼, qīnglóu) नाँव के बिसेस सुखावे वाला भवन में मावोइ चीड़ (马尾松, mǎwěisōng) के धुआँ से धुआँदार कइल जाला, जे पहिचान लायक चीड़-धुआँ के सुर (松烟香, sōngyānxiāng) देला। एकल-कली शैली में ई चरण अनुपस्थित बा।

6. ऑर्गनोलेप्टिक बिसेसता:

  • सूखल पत्ती: छोट घन मुड़ल कली, रंग में करिया-भूअर आ सुनहरा टोन (सोना-करिया मिश्रण) के मेल, ध्यान देवे लायक रोआँ के साथ।
  • अरक: पारदर्शी, सुनहरा-पीयर से एम्बर ले, चमकदार।
  • सुगंध: शहद के (蜜香, mìxiāng), फूल-फल के (花果香, huāguǒxiāng), लोंगान (桂圆, guìyuán) के नोट आ हल्का माल्ट-शकरकंद के मिठास के साथ।
  • स्वाद: कोमल, मीठ, घन, लमहर वापसी बाद-स्वाद (回甘, huígān) के साथ; बढ़िया कलिये वाला चाय में कड़वाहट आ कसैलापन कमजोर बतावल जाला।
  • तली (叶底, yèdǐ): एकसमान कोमल एकल कली, लचकदार, ताँबा-सुनहरा रंग के।

7. रासायनिक संघटन:

  • चाय पॉलीफेनॉल (茶多酚, chá duōfēn): किण्वन में आंशिक रूप से ऑक्सीकृत, मात्रा मध्यम।
  • थियाफ्लेविन आ थियारुबिगिन (茶黄素/茶红素, chá huángsù / chá hóngsù): ऑक्सीकरण उत्पाद, जे अरक के रंग, “चमक” आ स्वाद के चरित्र तय करेलें।
  • कैफीन (咖啡碱, kāfēijiǎn): कली के कच्चा माल में तुलनात्मक रूप से ऊँच।
  • अमीनो अम्ल (氨基酸, ānjīsuān): जेह में थियानिन सामिल बा; कली सभ में एकर हिस्सा बढ़ल होला, जे उमामी आ मिठास देला।
  • सुगंधित यौगिक: शहद-फल के गुलदस्ता बनावेलें।

सटीक आँकड़ा बिसेस खेप, साल आ भूखंड पर निर्भर करेला, एही से ओह सभ के निश्चित मान के रूप में देहल सही ना ह; इहाँ समग्र तस्वीर महत्वपूर्ण बा: एकल-कली लाल चाय में बड़-पत्ती वाला लाल चाय सभ से अमीनो अम्ल के योगदान ढेर आ पॉलीफेनॉल के हिस्सा कोमल होला।

8. लाभदायक गुण:

  • गरमाहट देवे वाला चरित्र: पारंपरिक चीनी चिकित्सा के बिचार में लाल चाय प्रकृति से गरम मानल जाला आ पेट पर हरियर चाय से कोमल असर करेला।
  • एंटीऑक्सीडेंट: थियाफ्लेविन आ बचल पॉलीफेनॉल में एंटीऑक्सीडेंट गतिबिधि होला।
  • टोनिंग: कैफीन थियानिन के साथ मिल के तुलनात्मक रूप से कोमल प्रोफ़ाइल के साथ स्फूर्ति देला।
  • पाचन: गरम अरक ब्यक्तिपरक रूप से चिकनाई वाला भोजन के ग्रहण के आसान बनावेला।

सीमा सभ सामान्य बा: कैफीन के प्रति संवेदनशीलता पर, दिन के दूसरा हिस्सा में, गरभावस्था आ कई गो स्थिति में ताकत आ मात्रा घटावे के चाहीं। इहाँ पेय पदार्थ के बात हो रहल बा, इलाज के साधन के ना, आ बेमारी सभ के “इलाज” के दाबा आधारहीन बा।

9. चाय बनावे के तरीका:

  • बर्तन: गाइवान भा छोट चायदानी (चीनी माटी भा इशिंग माटी) लगभग 100–120 मिली के मात्रा के; कली सभ के निरीक्षण खातिर काँच भी उपयुक्त बा।
  • मात्रा: लगभग 3–5 ग्राम प्रति 100–120 मिली (कली हल्क आ बड़ होले, खाली वजन ना, सूखल चाय के आयतन के हिसाब से देखीं)।
  • पानी: कोमल, 90–95 °C. कोमल कली तेज उबलत पानी पसंद ना करे, बाकिर बढ़िया तुनमु के कच्चा माल 95–100 °C भी सह लेला; कड़वाहट आवे पर तापमान घटाईं।
  • धुलाई: जरूरी ना; चाहीं त — तेज धोवे वाला बहाव।
  • बहाव (बहाव-शैली): पहिला अरक 5–10 सेकंड, ओकरा बाद समय धीरे-धीरे बढ़ाईं; बढ़िया चाय मिठास बनवले 8–12 बहाव झेल लेला।
  • पच्छिमी तरीका: लगभग 3 ग्राम प्रति 200 मिली, 90 °C, 3–4 मिनट; बड़ा मग में लमहर समय खातिर भिगोवल भी स्वीकार्य बा।

गुणवत्ता के पहिचान — हर बहाव पर बिना बढ़त कड़वाहट के, टिकाऊ वापसी बाद-स्वाद आ शहद-फल के सुगंध के बचल रहल।

10. भंडारण:

  • बर्तन: हवा-बंद, अपारदर्शी — फॉइल पैकेट के साथ टीन भा सिरेमिक डब्बा।
  • स्थिति: ठंढा सूखल जगह बिना रोशनी, बाहरी गंध आ नमी के उतार-चढ़ाव के; चूल्हा आ मसाला के लगे रसोई उपयुक्त ना।
  • अवधि: लाल चाय स्थिर होला, बाकिर एकल-कली सुगंधित चाय पहिला 1–2 साल में बेहतर खुल के आवेला; ताजगी खतम होखे पर हल्का दोबारा सुखा के सुगंध के आंशिक रूप से वापस ले आवल जा सकेला।
  • महत्वपूर्ण: ई शू-पुएर के तरह बहुत-साला “परिपक्वता” खातिर चाय ना ह; जोर गुलदस्ता के ताजगी पर बा।

11. कीमत आ नकली:

तुनमु के केंद्र के असली एकल-कली लाल चाय — सबसे महँग चीनी लाल चाय सभ में से एक ह। असली तुनमु के जिन जुन मेइ खुदरा में आमतौर पर कई हजार से दस हजार युआन प्रति 500 ग्राम ले होला, आ सबसे ऊपरी खेप — अउरी ढेर। “बाहरी-पहाड़ी” (外山) संस्करण आ दूसर प्रांत के कलिये वाला चाय कई गुना सस्ता होले, आ अकसर इहे तुनमु के ब्रांड नाँव से बेचाल जाले।

चुनाव में कइसे नेविगेट करीं:

  • सूखल पत्ती के रंग: असली चाय — सोना-करिया मिश्रण। करिया कली के बिना एकसमान चमकदार-”सोना” रूप संदिग्ध बा: ई या त तुनमु ना ह, या रंगल कच्चा माल (染色, rǎnsè) ह।
  • सुगंध: प्राकृतिक शहद-फूल-फल; बहुत मीठ-कृत्रिम मिठास आ, बिना धुआँ वाला शैली खातिर, धुआँ के नोट चेतावनी के संकेत बा।
  • अरक: पारदर्शी सुनहरा; गंदलापन, अस्वाभाविक रूप से गहिर लाल टोन भा रंगाई — चिंताजनक संकेत।
  • टिकाऊपन: असली चाय लमहर बाद-स्वाद के साथ ढेर एकसमान बहाव देला; नकली जल्दी “खाली” हो जाला आ कड़वाहट देला।
  • तली: एकसमान लचकदार एकल कली; टूटल, अलग-अलग तरह के, फीका पत्ती मिलावट के पर्दाफाश करेला।
  • कीमत आ स्रोत: सस्ता “तुनमु के जिन जुन मेइ” परिभाषा से उहो ना हो सकेला जेकरा होखे के दाबा करेला। उत्पत्ति प्रमाणपत्र मौजूद बा, बाकिर नकली बनेला, एही से बेचे वाला के परतिष्ठा आ चाय के बहाव से जाँच करे के संभावना ढेर महत्वपूर्ण बा।

12. रोचक तथ्य:

  • लाल चाय के जनमभूमि: तुनमु के उहे जगह मानल जाला जहाँ दुनिया के पहिला लाल चाय — झेंगशान श्याओझोंग जनमल, लगभग चार सदी पहिले।
  • यूरोपीय निशान: “Bohea” नाँव से उयीशान के चाय सत्रहवीं-अठारहवीं सदी में यूरोप में बड़ पैमाना पर निर्यात होखे।
  • 2005 के क्रांति: जिन जुन मेइ के सृजन पूरा “जुनमेइ” श्रेणी आ पूरा चीन में कलिये वाला लाल चाय में रुचि के लहर पैदा कइलस।
  • श्रेणीकरण के नाँव: जुनमेइ के नाँव सभ में “सोना — चाँदी — ताँबा” (金/银/铜) कली के हिस्सा आ कच्चा माल के वर्ग के बतावेला।
  • सख्त आरक्षित क्षेत्र: उत्पादन प्राकृतिक संरक्षण बेवस्था से सीमित बा, आ आसपास दक्खिन-पूरबी चीन के सबसे ऊँच बिंदु — हुआंगगांग (2160.8 मी) उठल बा।
  • दोहरा धरोहर: उयीशान यूनेस्को के बिस्व धरोहर सूची में एके साथ सांस्कृतिक आ प्राकृतिक बस्तु के रूप में सामिल बा।

अंत में:

तुनमुगुआन के लाल चाय — ई कवनो एक ठो बिसेस ब्रांड नइखे, बालुक एक समग्र परंपरा ह: ऐतिहासिक धुआँदार श्याओझोंग से ले के जुनमेइ परिवार के आधुनिक कलिये वाला चाय ले। तुनमु के केंद्र के एकल-कली संस्करण एह लाइन के चोटी के प्रतिनिधित्व करेला — बिना धुआँ के, शहद-फल वाला, चिक्कन चाय, जेह में उयीशान आरक्षित क्षेत्र के ऊँच पहाड़ी टेरुआर, स्थानीय झाड़ी सभ के बीज आबादी आ मेहनत के हाथ से कली के तुड़ाई के संयोग बा।

इहीं उत्पत्ति आ असलियत पैकिंग पर जोरदार नाँव से ढेर महत्वपूर्ण बा। बुद्धिमानी के तरीका — सुनहरा-करिया पर ध्यान दिहल, ना कि “पूरा सोना” पत्ती पर, कृत्रिम मिठास के बिना प्राकृतिक सुगंध आ बहाव में चाय के बेहवार पर: असली तुनमु के एकल-कली लाल चाय धीरे-धीरे खुल के आवेला, लमहर वापसी बाद-स्वाद बनवले राखेला आ आपन परतिष्ठा मार्केटिंग से ना, बालुक अरक से सही ठहरावेला।

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